सदर अस्पताल में कचरों का अंबार, परेशानी बढ़ी

सदर अस्पताल गुमला प्रशासनिक उपेक्षाओं के कारण कचरे का अंबार बनता जा रहा है

: कचरा डंप स्थल पर दुर्गंध व कीड़ों से आवागमन में हो रही है परेशानी. 17 गुम 16 में प्लास्टिक में बंद कर रखा गया कचरा, उठान नहीं जॉली विश्वकर्मा, गुमला सदर अस्पताल गुमला प्रशासनिक उपेक्षाओं के कारण कचरे का अंबार बनता जा रहा है. ज्ञात हो कि कुछ साल पहले सदर अस्पताल गुमला को स्वच्छता विषय पर कायाकल्प अवार्ड से 50 लाख रुपये की राशि से सम्मानित किया गया था. लेकिन अवार्ड मिलने के बाद से सदर अस्पताल गुमला की स्थिति बद से बदतर हो गयी है. सदर अस्पताल गुमला के पोस्टमार्टम रूम जाने वाली रास्ते में सदर अस्पताल से निकलने वाले कचरों को डंप कर दिया गया है. लेकिन जितना कचरा एक दिन में सदर अस्पताल से निकलता है. अगर उसकी नियमित सफाई नहीं हो, तो स्थिति भयावह हो सकती है. महामारी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है. ऐसा ही मामला रविवार को प्रकाश में आया है. कचरा डंप करने वाली जगह में लगभग एक माह से साफ सफाई नहीं की गयी है. जिसके कारण वहां कचरे का अंबार लग गया है. वहीं पानी व धूप की वजह से कचरो में कीड़ा व दुर्गंध भी उत्पन्न हो रहा है. जिसके कारण जिले के अन्य प्रखंडों से आने वाले पोस्टमार्टम के परिजनों को भी उक्त कचरे की वजह से आवागमन में काफी परेशानी हो रही है. वहीं उसकी के समीप स्थित सदर अस्पताल का वार्ड नंबर 124 है. जिसमें इलाजरत मरीजों भी उक्त दुर्गंध से परेशानी हो रही है. लेकिन इसकी देखरेख करने व साफ सफाई कराने के लिए अस्पताल व जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी व कर्मी अपनी दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है. यहां बताते चलें कि सदर अस्पताल गुमला द्वारा उन कचरे की सफाई के लिए नगर परिषद गुमला को भुगतान भी किया जाता है. लेकिन फिर भी नगर परिषद कर्मियों की मनमानी के कारण सिर्फ एक छोटा गाड़ी भेज कर एक ट्रिप कचरा उठाया जाता है. बाकी कचरों को छोड़ दिया जाता है. जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है. ज्ञात हो कि सदर अस्पताल गुमला में 300 की संख्या में मरीज भर्ती रहते है. 100 शैय्या का अस्पताल में दोगुना मरीज होने से भी कमरों की संख्या में इजाफा है. जिसके कारण उसकी नियमित साफ सफाई जरूरी है. लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण जस की तस बनी है. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि हमलोगों ने नगर परिषद से समन्वय स्थापित कर नियमित सफाई करने की अपील की थी. लेकिन वे हमारी बातों को ध्यान नहीं दे रहे है. जिसके कारण समस्या हो रही है. उन्होंने कहा कि मैंने अपने माध्यम से डीसी को पत्राचार किया है. लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं की गयी है. इसलिए समस्या जस की तस है. डीसी द्वारा पहल करने पर ही मामले का निष्पादन किया जा सकता है. उन्होंने डीसी से इस विषय पर शीघ्र ही दिशा निर्देश जारी करने की अपील की है. ताकि सदर अस्पताल को स्वच्छ रखा जा सके.

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Author: VIKASH NATH

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