सुनील कुमार रवि की रिपोर्ट
भरनो (गुमला). भरनो प्रखंड मुख्यालय में करम पर्व को लेकर चारों ओर उत्साह का माहौल है. पर्व को लेकर गांव के अखाड़ों में पारंपरिक तैयारियां की गयीं. देर शाम गांव के तेतरा पहान और धर्मावलंबी पारंपरिक गीत गाते और नृत्य करते हुए नावाटोली स्थित सरना स्थल पहुंचे. सरना स्थल पहुंचने के बाद सभी ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की. इसके बाद परंपरा के अनुसार करम डाली काटी गयी. करम डाली लेकर ग्रामीण मांदर की थाप और पारंपरिक गीत-नृत्य के साथ वापस लौटे. इस दौरान पूरे रास्ते पर्व का उत्साह और पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिली.
मुख्य अखाड़े में स्थापित की गयी करम डाली
पूजा के बाद तेतरा पहान ने हेठटोली स्थित मुख्य अखाड़े में विधि-विधान के साथ करम डाली स्थापित की. इसके अलावा भरनो प्रखंड के विभिन्न अखाड़ों में भी करम डाली लगायी गयी. अपने-अपने अखाड़ों में ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना की और करम पर्व की परंपराओं का पालन किया. करम डाली की स्थापना के बाद अखाड़ों में पारंपरिक गीत और नृत्य का दौर शुरू हुआ. मांदर की थाप पर लोग करम गीत गाते हुए पर्व की खुशियां मनाते रहे. ग्रामीणों के अनुसार, करम पर्व प्रकृति और पारंपरिक संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है.
