गुमला. सात साल पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई संजीता कुमारी की तलाश अब मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचती नजर आ रही है. झारखंड हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद गुमला पुलिस ने जांच तेज कर दी है. गांव-गांव छापेमारी और संदिग्धों से पूछताछ के बीच पुलिस ने कुख्यात मानव तस्कर नैना देवी को हिरासत में लेकर मामले को सनसनीखेज मोड़ दे दिया है. पुलिस के अनुसार, संजीता की बरामदगी के लिए गठित एसआइटी ने रांची के पंडरा स्थित बाजरा इलाके से नैना देवी को हिरासत में लिया. इसके बाद उसे सीधे गुमला के अहातू थाना लाया गया, जहां चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल समेत कई अधिकारी घंटों से पूछताछ में जुटे हैं. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि नैना देवी से पूछताछ में संजीता के संबंध में अहम सुराग मिल सकते हैं.
तस्करी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
जांच अब सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रही. पुलिस गुमला के विभिन्न प्रखंडों और आसपास के जिलों में उन लोगों से पूछताछ कर रही है, जिन पर मजदूरों और कम उम्र की लड़कियों को दूसरे राज्यों में भेजने का संदेह है. रोजाना कई संदिग्धों को अहातू थाना बुलाकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि मासूम संजीता किसी मानव तस्करी गिरोह के चंगुल में फंस गयी हो सकती है. हालांकि सात साल बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ती जा रही है.
तस्करी की रानी मानी जाती है नैना देवी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक नैना देवी का नाम पहले भी कई मानव तस्करी मामलों में सामने आ चुका है. इसके बावजूद वह हर बार कानूनी दांवपेंच और प्रभाव के दम पर गिरफ्तारी से बचती रही. बताया जाता है कि वर्ष 2016 में वह सीडब्ल्यूसी कार्यालय से पूछताछ के दौरान फरार हो गयी थी. वर्तमान में उसका ठिकाना रांची के पंडरा में बताया जा रहा है, जबकि दिल्ली के मोती नगर को उसके नेटवर्क का मुख्य केंद्र माना जाता है. जांच में पंडरा निवासी आकाश सिंह और खूंटी-कर्रा निवासी पवन भगत का नाम भी सामने आया है. वहीं खोरा जामटोली की अंजली देवी को नैना देवी की करीबी सहयोगी बताया जा रहा है.
दो लाख के इनाम के बाद बढ़ी हलचल
हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुलिस ने संजीता की तलाश में मदद करने वालों के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है. इसके बाद से बड़े मानव तस्करों और संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई तेज हो गयी है. अब पूरे जिले की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सात साल से गायब संजीता कुमारी का रहस्य आखिरकार सुलझ पायेगा या यह मामला मानव तस्करी के अंधेरे नेटवर्क में दब कर रह जायेगा.
