सिसई. सिसई प्रखंड के मुरगू पंचायत में वर्ष 2025 में हुई मनरेगा वृक्षारोपण अनियमितता में कार्रवाई आदेश के करीब 20 माह बाद भी पूरी गबन राशि की वसूली नहीं हो पायी है. पंचायत के दो मुखियाओं समेत कुल 12 पदाधिकारियों व कर्मियों से 9,04,960 रुपए की वसूली होनी थी. इसमें अब भी 5,25,120 रुपए बकाया हैं. अब तक महज 3,79,840 रुपए की ही वसूली हो पायी है.
जमीन पर पौधा नहीं, कागज पर पूरी हो गयी योजना
मनरेगा के तहत चयनित लाभुक की जमीन पर पौधा लगाया ही नहीं गया था. राशि गबन करने के लिए योजना को किसी दूसरी जमीन पर पूर्ण दिखा दिया गया. लेकिन उक्त दूसरी जमीन पर भी पौधा नहीं लगाया गया और कागज पर पौधारोपण दिखाकर राशि निकाल ली गयी.
बिना पौधारोपण के राशि निकासी के इस मामले की जांच मनरेगा लोकपाल शहनवाज शेख ने की थी. जांच में पंचायत की मनरेगा वृक्षारोपण की सात योजनाओं में गंभीर अनियमितता की पुष्टि हुई.
12 लोगों से ब्याज समेत वसूली का था आदेश
जांच के बाद लोकपाल ने 13 जनवरी 2025 को कार्यालय आदेश जारी किया था. इसमें तत्कालीन एवं वर्तमान BPO, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, मुखिया, पूर्व मुखिया, पंचायत सचिव और रोजगार सेवक समेत कुल 12 लोगों से 12 प्रतिशत ब्याज और मनरेगा अधिनियम की धारा 25 के तहत अर्थदंड के साथ कुल 9,04,960 रुपए की वसूली का आदेश दिया गया था.
आरोपियों को तीन-तीन बार नोटिस देने के बाद भी अब तक सिर्फ 3,79,840 रुपए ही जमा हो सके हैं. जबकि 5,25,120 रुपए अब भी बकाया हैं.
किसके पास कितनी राशि बकाया
पूर्व बीपीओ गीता कुमारी पर 73,601 रुपए, वर्तमान BPO आराधना राय पर 16,895 रुपए, पूर्व सहायक अभियंता परमानंद कुजूर पर 52,541 रुपए, कनीय अभियंता अरुणा कुमारी पर 52,541 रुपए, मुरगु की पूर्व मुखिया हेमा देवी पर 20,999 रुपए और वर्तमान मुखिया बंदी राम उरांव पर 1,59,993 रुपए बकाया हैं.
वहीं पूर्व रोजगार सेवक यशोदा कुमारी पर 1,31,399 रुपए, रोजगार सेवक प्रतिमा कुमारी पर 14,593 रुपए, पूर्व पंचायत सचिव मिककन टोप्पो पर 2,046 रुपए और पूर्व पंचायत सचिव रामप्रकाश भगत पर 512 रुपए बकाया हैं.
इस मामले में एई प्रशांत कुमार ने पूरी 18,563 रुपए और जेई संजय उरांव ने पूरी 18,563 रुपए की राशि जमा कर दी है.
आरटीआई से सामने आया मामला
यह खुलासा किसी ऑडिट रिपोर्ट से नहीं, बल्कि आरटीआई आवेदन के जवाब से हुआ है. गुमला के आरटीआई कार्यकर्ता नरेश कुमार द्वारा दायर आवेदन के जवाब में प्रखंड कार्यालय ने 10 अगस्त 2026 को सूचना उपलब्ध करायी. इसके बाद मामले में वसूली की स्थिति सामने आयी.
डीसी और डीडीसी से कार्रवाई की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता नरेश ने मामले में डीसी और डीडीसी को आवेदन देकर विभागीय कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने लोक मांग वसूली अधिनियम के तहत सर्टिफिकेट केस, वेतन व पेंशन से वसूली, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत प्राथमिकी और BPO समेत सभी दोषी संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त करने की मांग की है.
