प्रतिनिधि, गुमला
उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले के असाक्षरों की मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन रविवार को किया गया. जिलांतर्गत सभी प्रखंडों में स्थित विद्यालयों के जन चेतना केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में आठ हजार से अधिक असाक्षर व्यक्तियों ने भाग लिया. इस मूल्यांकन परीक्षा में प्रतिभागियों के साक्षरता के मूलभूत कौशल, पढ़ने-लिखने की क्षमता तथा सरल गणना, संख्यात्मक योग्यता सहित दैनिक जीवन से जुड़े सामान्य ज्ञान व व्यवहारिक समझ का परीक्षण किया गया. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित कहा है कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में जागरूकता, आत्मविश्वास, आर्थिक सशक्तिकरण व बेहतर जीवन स्तर का मार्ग प्रशस्त करता है. इसके लिए जिले के असाक्षरों को साक्षर करने का कार्य किया जा रहा है. डीएसइ नूर आलम खां ने बताया कि परीक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा. गुमला एक आदिवासी बहुल जिला है तथा जिले की साक्षरता दर झारखंड के कई अन्य जिलों की तुलना में कम है. लेकिन साक्षरता संबंधी किये जा रहे संगठित प्रयासों के कारण अब इसमें सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है.
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