अपनी भूल स्वीकार कर सरकार को सही रिपोर्ट दे प्रशासन

सड़क से प्रभावित 19 गांवों के लोग गुमला उपायुक्त से मिलने पहुंचे, लिखित ज्ञापन सौंपा

गुमला. भारत माला सड़क से प्रभावित 19 गांवों के लोग मंगलवार को गुमला पहुंचे. डीसी से मिल कर लिखित ज्ञापन सौंपा है. डीसी को ज्ञापन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने कहा है कि हम अपनी जमीन व खेत को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. ज्ञापन में कहा है कि एनएच-43 के भारत माला चौड़ीकरण का अधिसूचना भारत गजट प्रकाशित तिथि 26.08.2022 को जारी किया गया है. इसके अनुसार एनएच-43 का चौडीकरण करना है, जो खोरा गांव से गुमला बाइपास होते हुए मांझाटोली आदि गांवों से छत्तीसगढ़ सीमा को जोड़ना है, जिसकी पुष्टि कार्यालय अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ पर गुमला के पत्रांक 1205 दिनांक 10.09.2025 से किया जा सकता है. गुमला जिला के राजस्व पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पदाधिकारी और स्वयं डीसी द्वारा जान-बूझ कर बिना जाने भारत गजट में एचएच-43 के चौड़ीकरण में पड़ने वाले गांवों को छोड़ कर डायवर्ट गांवों के 19 गांवों का नाम केंद्रीय परिवहन विभाग को गलत ढंग से रिपोर्टिंग की गयी है. ऐसा भारत गजट से स्पष्ट झलकता है. यह बिलकुल आवंछनीय अपराध है. जेएलकेएम के प्रदेश सचिव अनूप फ्रांसिस ने कहा है कि यह जिला शिड्यूल एरिया घोषित है. इसके अपने शासन-प्रशासन व्यवस्था है, जिसमें कोई भी काम चाहे कितना ही छोटा या बड़ा हो. पारंपारिक ग्राम सभा से सहमति असहमति से होता है, जिसकी अवहेलना जिला प्रशासन द्वारा किया गया है. क्योंकि प्रभावित किसानों अथवा पारंपारिक ग्राम सभा को सूचित करना भी उचित नहीं समझा गया है. इसकी पुष्टि भी उपायुक्त गुमला सह-जिला दंडाधिकारी गुमला के ज्ञापांक 115 दिनांक 04.03.2024 द्वारा की जा सकती है और तो और शिवालय कंस्ट्रक्शन कंपनी के लोग और जिला भू-अर्जन कार्यालय के कर्मचारी प्रभावित गांवों में घूम-घूम कर जमीन अधिग्रहण के लिए कागजात जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं और यह भी धमकी दे रहे है कि यदि अभी कागजात जमा नहीं करोगे, तो जमीन भी जायेगी और रुपया भी नहीं मिलेगा. यह कैसा लोकतंत्र है, आप जबरदस्ती गलत अधिसूचना पर किसानों की जीविका वाली जमीन को अधिग्रहण करने का प्रयास कर रहे हैं. आप का पदस्थापन लोकहित के लिए किया गया है. परंतु लोगों को उजाड़ने व विस्थापित करने का प्रयास गुमला प्रशासन कर रहा है. ऐसा बिलकुल होने नहीं दिया जायेगा. पहले से ही भूमि अधिग्रहण और विस्थापन से राज्य जूझ रहा है. इसको उकसाने और नमक छिड़कने का काम बंद किया जाये. ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा है कि अपना भूल स्वीकार कीजिए और केंद्र सरकार को सही रिपोर्ट देने और पारदर्शी काम हो. 19 मौजा के किसानों को धान वाली उपजाऊ जमीन पर सड़क बनाना तत्काल बंद किया जाये और वास्तविक एनएच-43 को चौड़ीकरण किया जाये. इसमें किसी को आपत्ति नहीं है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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