गोवा जाने निकला था, दुर्ग में ट्रेन बदली और कोलकाता पहुंच गया; साढ़े सात माह बाद मिला गोविंद

पालकोट के लापता गोविंद गोप को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा। 17 जनवरी से लापता व्यक्ति के मिलने पर परिवार में खुशी का माहौल है।पालकोट के लापता गोविंद गोप को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा. 17 जनवरी से लापता व्यक्ति के मिलने पर परिवार में खुशी का माहौल है.

पालकोट. पालकोट व लोहरदगा पुलिस ने गत साढ़े सात माह से लापता व्यक्ति वीरकुंवर टोली निवासी गोविंद गोप (43) को सकुशल बरामद कर शुक्रवार को परिवार वालों को सौंप दिया है. गोविंद गोप विगत 17 जनवरी 2026 को रोजगार की तलाश में गोवा के लिए निकला था. लेकिन गोवा पहुंचने से पहले दुर्ग रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रूकने पर गोविंद वहां उतर गया.

गोवा की जगह कोलकाता जाने वाली ट्रेन में बैठ गया

इसके बाद वह गोवा जाने वाली ट्रेन में नहीं बैठकर कोलकाता जाने वाली ट्रेन में बैठ गया. इसके बाद से गोविंद लापता हो गया था. परिजनों ने गोविंद के लापता होने की शिकायत भी दर्ज करायी गयी थी. जिसके बाद गोविंद की तलाश जारी थी.

लोहरदगा पुलिस को मिला गोविंद

इधर, गत गुरुवार को गोविंद को लोहरदगा पुलिस ने लोहरदगा जिलांतर्गत जोबांग थाना पहुंचा. जहां पुलिस द्वारा पूछताछ में उन्होंने सारी बातें बतायी.

पालकोट पुलिस पहुंची जोबांग थाना

जिसपर जोबांग थाना की पुलिस द्वारा पालकोट थाना प्रभारी अंकित राज को फोन कर इसकी जानकारी दी गयी. जिसके बाद रात में ही पालकोट पुलिस जोबांग थाना पहुंची और गोविंद को अपने साथ लेकर पालकोट आ गयी.

कागजी प्रक्रिया के बाद परिवार को सौंपा

थाना में कागजी प्रक्रिया के बाद गोविंद को परिवार वालों को सौंप दिया गया. परिवार वालों से मिलने के बाद गोविंद ने खुशी प्रकट करते हुए और पुलिस का आभार व्यक्त किया.


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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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