स्पेशल ओपस ऑपरेशन : 13 जाबांज जवानों की बहादुरी, उग्रवादियों की मांद में घुसकर मार्टिन को मारा

पीएलएफआइ के खिलाफ स्पेशल ओपस ऑपरेशन और 13 जांबाज जवानों की बहादुरी. उग्रवादियों की मांद में घुसकर इन 13 जाबांज जवानों ने घेराबंदी की.

दुर्जय पासवान, गुमला पीएलएफआइ के खिलाफ स्पेशल ओपस ऑपरेशन और 13 जांबाज जवानों की बहादुरी. उग्रवादियों की मांद में घुसकर इन 13 जाबांज जवानों ने घेराबंदी की. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस जवान ने मार्टिन केरकेट्टा को दूर से ही मुठभेड़ में मार गिराया. यह एनकाउंटर स्पेशलिस्ट युवा पुलिस जवान है और अबतक चार बड़े उग्रवादियों को मार चुका है. पीएलएफआइ की घेराबंदी पर नजर डालें, तो गुमला एसपी हरिश बिन जमां को मंगलवार की दोपहर को ही सूचना मिल गयी थी कि कामडारा थाना के चंगाबारी में उग्रवादी रूके हुए हैं. इसमें पीएलएफआइ सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा सहित आधा दर्जन बड़े उग्रवादी हैं. इसके बाद तुरंत नक्सल स्पेशल ओपस ऑपरेशन लांच किया गया. इस ऑपरेशन में 13 पुलिस अधिकारी व जवानों को शामिल किया गया. इसमें नक्सल क्यूआरटी टीम की एक जवान को रखा गया. जबकि सैट के भी जवान थे. कुछ पदाधिकारियों को भी इसमें नेतृत्व की जिम्मेवारी दी गयी. ये 13 पुलिस जवान चंगाबारी इलाके में घुसे. इसके लिए दो अलग-अलग टीम बनायी गयी. जैसे ही क्यूआरटी व सैट की टीम चंगाबारी पहुंची. एक घर से निकलकर कुछ उग्रवादी जंगल की ओर जा रहे थे. क्यूआरटी व सैट की टीम उग्रवादियों के पीछे लग गयी. परंतु, उग्रवादियों ने पुलिस को देख लिया. तुरंत पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की. युवा पुलिस जवान ने सटीक निशाना लगाते हुए एक उग्रवादी को मुठभेड़ में मार गिराया. यह देख अन्य चार उग्रवादी वहां से भाग निकले. हालांकि, गोली लगे उग्रवादी को उसके साथी उग्रवादी उठाकर ले जाना चाह रहे थे. परंतु, पुलिस टीम को नजदीक आता देख सभी उग्रवादी वहां से जान बचाकर भाग निकले. पुलिस संभल कर आगे बढ़ी. गोली लगे उग्रवादी के पास जब पुलिस पहुंची तो वह मरा हुआ था. उसकी पहचानी की गयी तो वह पीएलएफआइ का सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा निकला. जिसपर 15 लाख का इनाम है. मुठभेड़ की घटना करीब 8.15 बजे रात में हुई. पुलिस की मानें, तो करीब एक घंटे तक मुठभेड़ चली. क्यूआरटी की दूसरी बड़ी सफलता उग्रवाद को खत्म करने के लिए गुमला पुलिस द्वारा बनायी गयी क्यूआरटी टीम ने कुछ दिन पहले घाघरा के लावादाग में जेजेएमपी के तीन उग्रवादियों को मुठभेड़ में मार गिरायी थी. इसके बाद कामडारा के चंगाबारी में नक्सल क्यूआरटी के जवान ने मार्टिन को मार गिराया. इधर, मार्टिन को मार गिराने के बाद वहां अतिरिक्त पुलिस जवान पहुंचे. इधर, मुठभेड़ की सूचना के बाद रात को ही गुमला एसपी घटना स्थल पहुंच गये थे. मार्टिन के मारे जाने व कुछ उग्रवादियों के भागने के बाद मंगलवार की रात को एसपी भी छापामारी अभियान में शामिल हुए और जंगल की ओर भागे उग्रवादियों की तलाश की. परंतु, रात होने के कारण अन्य चार उग्रवादी भागने में सफल रहे. एसपी हरिश बिन जमां ने कहा गुमला एसपी हरिश बिन जमां ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कामडारा के चंगाबारी इलाके में पीएलएफआइ की दस्ता घूम रहा है. इसमें बड़े उग्रवादी शामिल हैं. इनामी उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा का दस्ता है. इसके बाद सैट व क्यूआरटी टीम का गठन किया गया. तीन अलग-अलग टीम बनाया गया था. इसलिए अलग-अलग इलाके से पुलिस टीम जंगल में घुसी. उग्रवादियों के ठिकाने तक जैसे ही पुलिस पहुंची. उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. जिसमें मार्टिन केरकेट्टा मुठभेड़ में मारा गया. जबकि कुछ उग्रवादी वहां से भाग निकले. एसपी ने कहा है कि उग्रवादियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा. बचे हुए उग्रवादियों से अपील है. वे सरेंडर करें. नहीं तो मारे जायेंगे. गुज्जू के बाद मार्टिन मारा गया वर्ष 2014 के 24 फरवरी की रात को कामडारा थाना के आमटोली में पुलिस व पीएलएफआइ उग्रवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी. उसमें पुलिस ने पीएलएफआइ के जोनल कमांडर 10 लाख के इनामी गुज्जू गोप, एरिया कमांडर भउआ व एरिया कमांडर विष्णु को मार गिराया था. वहीं पुलिस की गोली से घायल 10 लाख के इनामी संतोष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 2014 में सबसे बड़ी एनकाउंटर की घटना घटी थी. इसके ठीक 11 साल बाद कामडारा के चंगाबारी में पीएलएफआइ के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. जिसमें मार्टिन केरकेट्टा मारा गया. मार्टिन के मारे जाने से पीएलएफआइ को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि, दिनेश गोप की गिरफ्तारी, गुज्जू को मारा जाना, संतोष यादव को पकड़ाने के बाद इधर मार्टिन के मारे जाने से अब संगठन में बड़े नेता की कमी खलेगी. मार्टिन पर सात जिला में दर्ज केस जिला केस संख्या गुमला 30 सिमडेगा 06 चाईबासा 04 चतरा 01 हजारीबाग 03 रांची 11 खूंटी 17 टोटल 72 केस है

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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