गुमला. गुमला जिले के चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) अजीत कुमार की अदालत ने मंगलवार को घाघरा प्रखंड के मलगो पोखराटोली गांव निवासी रवि उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. यह मामला वर्ष 2010 में पिता-बेटे की निर्मम हत्या से जुड़ा है. सरकारी पक्ष की ओर से लोक अभियोजक अजय रजक ने अदालत में पैरवी की. अदालत ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनायी. घटना क्रम के अनुसार छह सितंबर 2010 को घाघरा थाना के मलगो पोखराटोली गांव में तीन एकड़ जमीन के विवाद को लेकर खूनी वारदात को अंजाम दिया गया था. मृतक बुद्धदेव उरांव और उनके पुत्र अनिल उरांव को अपराधियों ने निशाना बनाया था. मृतक की पत्नी सुमरी देवी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कहा गया था कि घटना की रात पांच से छह हथियारबंद अपराधी घर के पीछे का दरवाजा तोड़ कर अंदर घुस आये थे. इस दौरान उन्होंने रवि उरांव को पहचान लिया था. आरोप है कि अपराधियों ने पिता-पुत्र के हाथ बांधे और उन्हें जबरन घर से उठा कर ले गये. अपराधी दोनों को गांव से कुछ दूरी पर आदर-मलगो रोड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के पास ले गये, जहां गोली मार कर उनकी हत्या कर दी गयी थी. अगले दिन दोहरे हत्याकांड की खबर फैलते पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी थी. घटना को और भी रहस्यमय बनाने वाली बात यह थी कि हत्या स्थल से पीएलएफआइ (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) का पर्चा बरामद हुआ था. इससे मामले ने उस समय काफी तूल पकड़ा था और पुलिस ने कई कोणों से जांच की थी.
पिता व पुत्र की हत्या के दोषी को उम्रकैद
16 साल पुराने डबल मर्डर केस में आया फैसला
