गुमला. मरदा स्थित महाराव शिव मंदिर का आठवां वार्षिकोत्सव 19 व 20 फरवरी को मनाया जायेगा. 19 फरवरी को महोत्सव का शुभारंभ कलशयात्रा के साथ होगा. मंदिर में पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जायेगा. वहीं 20 फरवरी की शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. मंदिर समिति के लोग कहते हैं कि मरदा महाराव शिव मंदिर आस्था का नया तीर्थ बन रहा है. मंदिर में घंटियों की अनोखी ध्वनि और 84 देव प्रतिमाओं सजा दिव्य परिसर मरदा गांव में इन दिनों विशेष पहचान बना रहा है. यह मंदिर न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले भक्तों व पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख स्थल बन चुका है. मंदिर परिसर में प्रवेश करते चारों ओर फैली हरियाली, सुसज्जित बगीचे और स्वच्छ वातावरण मन को शांति प्रदान करते हैं. सुव्यवस्थित मार्ग, सुंदर प्रवेश द्वार और ऊंचा शिखर मंदिर की भव्यता को दर्शाते हैं. मंदिर की सबसे अनूठी विशेषता इसकी घंटियां हैं. कहा जाता है कि जब मंदिर में लगी घंटियां एक साथ बजती हैं, तो उनकी ध्वनि ओम और शंखनाद जैसी प्रतीत होती है. विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार एक ही परिसर में इतने देव स्वरूपों का दर्शन करना शुभ और पुण्यदायी माना गया है.
महाराव शिव मंदिर मरदा का वार्षिकोत्सव 19 से
20 फरवरी को शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन
