गुमला. सरना समिति गुमला की बैठक सोमवार को फसिया पंचायत के आदर्श नगर ढोढरीटोली स्थित धूमकुड़िया भवन में जानकी उरांव की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में प्रकृति पर्व सरहुल (20 फरवरी) की तैयारियों व संगठन की मजबूती पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श कर कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गयी. सरहुल पर्व में विशेष रूप से सरहुल जुलूस की रूपरेखा, अनुशासन व्यवस्था, पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति और झंडा बदली कार्यक्रम को लेकर विचार-विमर्श किया गया. साथ ही निर्णय लिया गया कि सरहुल पर्व को परंपरागत रीति-रिवाजों व सामाजिक एकता के साथ मनाया जायेगा. जुलूस के दौरान सामाजिक समरसता, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा बनाये रखने पर जोर दिया गया. इसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने व समाज में जागरूकता फैलाने पर चर्चा की गयी. संगठन की मजबूती पर चर्चा करते हुए सदस्यों के दायित्व निर्धारण, समाज के विकास, शिक्षा के प्रति जागरूकता तथा सामाजिक कुरीतियों को दूर करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया. उपस्थित सदस्यों ने समाज की एकजुटता बनाये रखने व परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प लिया. बैठक में अध्यक्ष जानकी उरांव, सचिव संतोष भगत, सुखमति देवी, बिसन देवी, सुखराम उरांव, महावीर उरांव, राधा उरांव, सीता देवी, सरिता लकड़ा, उर्मिला उरांव, कार्तिक उरांव, सुगिया उरांव, बुखमति देवी, कमला कुमारी, सुनीता मिंज, मीरा मिंज, बुधनी टोप्पो, पावती मिंज, नौरी भगत, लुंगी उरांव, सुरमा देवी, गीता भगत, जीरमुनी उरांव, प्यारी टोप्पो, चंद्रमनी कुमारी, सविता एक्का, लक्ष्मी देवी, गुदी देवी, दशमी देवी, सनियारो मिंज, भोचा उरांव, छेदना उरांव, करमी बिलुंग, किरण भगत, चुंदा उरांव, जयमन टोप्पो आदि मौजूद थे.
संगठन की मजबूती पर किया गया विचार-विमर्श
सरना समिति गुमला की बैठक
