गुमला. जमीयत-ए-इदरीसिया पंचायत के सचिव मोहम्मद अनवर ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि शहर के धरोहर कहे जाने वाले मदरसा इस्लामिया फैज-ए-आम सिसई रोड गुमला का भूमि भवन हमारे पूर्व के अंजुमन इस्लामिया के पदाधिकारी ने बिहार सरकार को दिया था, ताकि यहां पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई के स्तर को ऊंचा उठाया जा सके. परंतु उक्त मदरसा में वर्षों से प्रबंध समिति का गठन नहीं होने से मदरसा के पठन-पाठन कार्य पर लगातार प्रतिकूल असर पड़ रहा है. साथ ही मदरसा में कई तरह की विसंगतियां दिखायी पड़ रही है. दिन-प्रतिदिन मदरसा की स्थिति दयनीय होती जा रही है. मदरसा का संचालन नियम के विरुद्ध किसी जवाबदेही के चल रही है. शिक्षा विभाग जान-बूझ कर चुपी साधे हुए है. परिणाम स्वरूप ऐसी परिस्थिति में मदरसा में अब गिनती के 10-11 छात्र ही अध्यनरत है, जो चिंता का विषय है. मदरसा का गुमला उपायुक्त के आदेश पर मजिस्ट्रेट से भी जांच करायी गयी है. इतना ही नहीं पिछले दिनों झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण कैबिनेट मंत्री हफीजुल हसन का भी मदरसा के बदहाल स्थिति को स्वयं दौरा कर निरीक्षण कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने मदरसा की स्थिति देख कर आश्चर्यचकित होकर नाराजगी जतायी थी. उपायुक्त को पत्र लिख कर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है. अभी तक जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं किया गया. दूसरी ओर हमारे स्थानीय विधायक को इदरीसिया पंचायत की ओर से मदरसा प्रबंध समिति बनाने के लिए आवेदन दिया जा चुका है और उनसे अनुरोध किया गया था कि आप प्रबंध समिति के सम्माननीय पदेन सदस्य होने के नाते मदरसा में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं व शिक्षकों की स्थिति मदरसा का प्रबंध समिति नहीं होने से ठीक नहीं हो रहा है. इसके बावजूद विधायक मदरसा के प्रति उदासीन रवैया अपनाये हुए हैं. हमारे जिले का एकमात्र मान्यता प्राप्त मदरसा के गरीब छात्र-छात्राओं के भविष्य को साकार करने के दिशा में पहल करें और यथाशीघ्र प्रबंध समिति बनाने के मांग को स्वीकार कर आवश्यक दिशा निर्देश प्रशासन को दें, ताकि मदरसा की स्थिति में सुधार लाया जा सके और मदरसा में पूर्व की भांति अपने गौरव और ख्याति के अनुरूप पठन व पाठन कार्य हो सके.
विधायक की अनदेखी से नहीं बन रही मदरसा प्रबंध समिति : सचिव
विधायक की अनदेखी से नहीं बन रही मदरसा प्रबंध समिति : सचिव
