कारगिल वीर शहीद बिरसा उरांव की 27वीं पुण्यतिथि मनायी गयी

सिसई में कारगिल युद्ध के वीर शहीद बिरसा उरांव की 27वीं पुण्यतिथि मनाई गई. परिजनों और पूर्व सैनिकों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया.

सिसई. सिसई प्रखंड मुख्यालय स्थित बिरसा पार्क व बर्री गांव में सोमवार को कारगिल वीर शहीद बिरसा उरांव की 27वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. दोनों स्थानों पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गयी. पत्नी मीला देवी ने कहा है कि शहीद बिरसा उरांव 1999 के कारगिल युद्ध (ऑपरेशन विजय) में 02 सितंबर 1999 को शहीद हुए थे. वे प्रथम बिहार रेजिमेंट में हवलदार के पद पर कार्यरत थे.

सिपाही से लांस नायक और फिर हवलदार तक प्रमोशन पाने वाले बिरसा उरांव ने नागालैंड में ऑपरेशन ऑर्चर्ड, पंजाब में ऑपरेशन रक्षक, सोमालिया असम में ऑपरेशन राइनो सहित कई ऑपरेशनों में वीरता दिखायी थी.

उन्हें सामान्य सेवा मेडल, सैनिक सेवा मेडल, ओवरसीज मेडल सहित 6 पदकों से सम्मानित किया गया था. वहीं मरणोपरांत विशिष्ट सेवा मेडल भी दिया गया.

इधर, कार्यक्रम में वीर शहीद बिरसा उरांव की पत्नी मीला देवी, बेटी पूजा विभूति उरांव (दारोगा), दामाद पूर्व राज्यसभा सांसद समीर भगत, बेटा चंदन कुमार उरांव, पूर्व सांसद समीर उरांव, जिप अध्यक्ष किरण बाड़ा, बीडीओ रमेश कुमार यादव, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, अनिल साहू, कैप्टन लोहरा उरांव, सूबेदार मेजर गंदूर उरांव, अरविंद कुजूर, लेफ्टिनेंट सुरेंद्र उरांव, सूबेदार कार्तिक उरांव, हवलदार डीएन भगत, बंधना उरांव, जवाहर जायसवाल, सिपाही रामनिवास उरांव, रामनरायण साहू, वीर नारी सानियारो उरांव, जसमुनी एक्का, सावित्री देवी, पुनीता उरांव, शोभा उरांव, बिरसमुनी उरांव, परवतिया देवी, सुमित्रा देवी, मुखिया अलबिना देवी, सुनीता देवी, सचिदानंद उरांव, बसंत यादव, चरवा उरांव, संजय महतो, मनोहर नायक, रामानंद सिंह, प्रकाश लाल, निरंजन सिंह सहित कई पूर्व सैनिक व ग्रामीण मौजूद थे.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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