गुमलाः जिले के कृष्ण छात्रावास परिसर में मंगलवार की रात करम पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया. करम की डाल सजाई गई, विधि-विधान से पूजा-अर्चना हुई और मांदर की थाप पर पूरा परिसर करम के रंग में रंग गया. प्रकृति और भाई-बहन के स्नेह से जुड़े इस पर्व में जिले के आला अधिकारी भी शामिल हुए और मांदर बजाकर आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए.
करम पूजा में उपायुक्त दिलेश्वर महतो, एसपी हारिस बिन जमां, डीडीसी अनिमेष रंजन, एसडीओ अखिलेश कुमार, नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी समेत कई अधिकारी शामिल हुए. सभी ने करम देव की पूजा-अर्चना कर जिलेवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. पूजा के बाद मांदर की थाप शुरू होते ही छात्रावास परिसर का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया. पारंपरिक गीत और नृत्य के बीच अधिकारी भी मांदर बजाते नजर आए.
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प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकजुटता का संदेश
उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि करम पर्व झारखंड की प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है. यह पर्व प्रकृति के संरक्षण के साथ भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक एकजुटता का संदेश देता है. उन्होंने नई पीढ़ी से अपनी समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर आगे बढ़ाने की अपील की.
भाईचारे और सद्भाव की सीख देता है करम पर्व
एसपी हारिस बिन जमां ने कहा कि करम पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारे और मिल-जुलकर रहने की सीख देता है. ऐसे पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं. उन्होंने सभी को करम पर्व की शुभकामनाएं दी.
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