सिसई. जेएमएम सिसई के कार्यकर्ताओं की बैठक बुधवार को कुदरा गांव में विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में केंद्र सरकार द्वारा लाये जा रहे नये खनन कानून का कड़ा विरोध किया गया और इसके विरोध में 7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय बृहद धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताने का निर्णय लिया गया.
बैठक में विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नया खान कानून काला कानून है. केंद्र का यह नया खान कानून राज्य के हितों के खिलाफ है. इससे राज्य सरकार को हर साल हजारों, करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा.
खनिजों पर राज्य का अधिकार खत्म कर केंद्र अपने चहेते कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाना चाहती है. उन्होंने इस कानून को संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्य को इससे सबसे ज्यादा नुकसान होगा. खनन से मिलने वाली रॉयल्टी और नीलामी से होने वाली आय पर केंद्र कब्जा करना चाहती है. इससे राज्य की विकास योजनाओं के साथ-साथ मईयां सम्मान, अबुआ आवास, बिजली बिल माफी जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होगी.
उन्होंने कहा जेएमएम इस काले कानून को किसी कीमत पर लागू नहीं होने देगी और सड़क से लेकर सदन तक इसका विरोध करेगी. बैठक में प्रखंड अध्यक्ष दुर्गेशवर तिर्की, उमर फारूक अंसारी, शशिकांत साहू, विजयलक्ष्मी कुमारी, दिलीप साहू, विक्की दूबे, छगनलाल राय, विकास कुमार महली, राजा अंसारी, अर्जुन लोहरा, बासुदेव उरांव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.
