आधार, बैंकिंग व ऑनलाइन फॉर्म भरने में हो रही परेशानी, ग्रामीणों ने नेटवर्क व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की

प्रखंड के लोग इन दिनों जियो के कमजोर नेटवर्क से बुरी तरह प्रभावित हैं. मुख्य रूप से जियो पर निर्भरता के कारण आधार, बैंकिंग और ऑनलाइन कार्यों में भारी दिक्कत आ रही है. छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है.

जारी. प्रखंड के लोग इन दिनों जियो के कमजोर नेटवर्क से परेशान हैं. प्रखंड मुख्यालय सहित पूरे क्षेत्र में फिलहाल मुख्य रूप से जियो का ही नेटवर्क उपलब्ध है. अन्य मोबाइल कंपनियों का नेटवर्क नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोग पूरी तरह जियो की सेवा पर निर्भर हैं. ऐसे में नेटवर्क की कमजोरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.

सबसे अधिक परेशानी ऑनलाइन कार्य करनेवाले दुकानदारों को हो रही है. नेटवर्क कमजोर रहने के कारण आधार कार्ड से जुड़े कार्य, बैंकिंग सेवा, ऑनलाइन फॉर्म भरने, रिचार्ज सहित कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं. कई बार दुकानदारों और ग्राहकों को घंटों इंतजार करने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाता. इससे समय के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.

वहीं, नेटवर्क की समस्या का असर छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई पर भी पड़ रहा है. इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित रहने से पढ़ाई और ऑनलाइन कक्षाओं में परेशानी हो रही है. लोगों का कहना है कि मोबाइल पर सामान्य बातचीत के लिए भी कई बार घर से बाहर निकलकर ऊंचे स्थान पर जाना पड़ता है.

स्थानीय लोगों ने जियो कंपनी के अधिकारियों और जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द नेटवर्क व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा क्षेत्र में अन्य कंपनियों के मोबाइल टावर स्थापित कराने की मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >