Jharkhand Tourism: घूमने-फिरने के लिए सुंदर जगह है आंजनधाम, यहां की हसीन वादियां करती हैं रोमांचित

नये साल में घूमने-फिरने का मन बना रहे हैं, तो गुमला का आंजनधाम आइये. नये साल में यहां भगवान हनुमान और माता अंजनी का दर्शन हो जाएगा. घने जंगल और ऊंचे पहाड़ पर स्थित यहां माता अंजनी की गर्भ से भगवान हनुमान का जन्म हुआ था. इस वजह से इसकी ख्याति दूर-दूर तक है. यहां देखने के लिए कई प्राचीन धरोहर है.

Jharkhand Tourism: गुमला से 21 किमी दूर आंजनधाम नये साल में घूमने-फिरने के लिए सुंदर जगह है. घने जंगल व पहाड़ इस क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाती है. भगवान हनुमान का जन्म यहां होने के कारण यह विश्व विख्यात है. यहां माता अंजनी की गर्भ से भगवान हनुमान का जन्म हुआ था. इस वजह से इसकी ख्याति दूर-दूर तक है. यहां देखने के लिए कई प्राचीन धरोहर है. पहाड़ की चोटी पर भगवान हनुमान की मंदिर है. यह पूरे देश का पहला मंदिर होगा. जहां माता अंजनी की गोद में भगवान हनुमान बैठे हुए हैं. यहां की हसीन वादियों दिल को रोमांचित करती है. इस क्षेत्र के लोग आज भी खुद को हनुमान का वंशज मानते हैं. यह ऋषिमुनियों की तपोभूमि भी रही है. पहाड़ पर स्थित मुख्य मंदिर पर चढ़ने से आसपास के गांवों का नजारा काफी सुंदर लगता है. आसपास काफी घने जंगल व ऊंचे पहाड़ है.

बांस की छत सुंदरता बढ़ा रही है

पहाड़ पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हैं. एक रास्ता बीच से है, जो पक्का सीढ़ी का बना हुआ है. वहीं बायां और दाहिने का ओर से ऊपर मंदिर जाने के लिए एक-एक रास्ता है. जिसमें बीच वाले सीढ़ीनुमा रास्ते एवं बायीं ओर के पगडंडी वाले रास्ते में रूफ फ्रेमिंग (शेड) का निर्माण किया गया है. मंदिर में चबूतरा एवं मंदिर के ऊपर बांस छत बनाने एवं रंगरोगन सहित अन्य फिनिशिंग का काम चल रहा है. मंदिर की सीढ़ी पर चढ़ने पर सुंदर तरीके से बांस की छत सुंदरता बढ़ाती है.

आंजनधाम में क्या देंखे

आंजन गांव स्थित मंदिर में अंजनी माता, भगवान हनुमान, राधा-कृष्ण, राम, लक्ष्मण व सीता समेत भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है. यहां 360 शिवलिंग व उतने ही तालाब है. आंजन पहाड़ी पर स्थित चक्रधारी मंदिर में आठ शिवलिंग दो पंक्तियों में स्थापित है. मंदिर के नीचे सर्प गुफा है. पहले गुफा में मिट्टी का एक टीला था, गुफा पूरी तरह बंद था और वहीं सांप को देखा जाता था. लेकिन तीन साल पहले गुफा के रास्ता को खोल दिया गया है. 15 सौ फीट से अधिक लंबे गुफा के अंदर रास्ता है.

Also Read: Jharkhand Tourism: पर्यटकों को लुभा रहा लोहरदगा का पिकनिक स्पाॅट, यहां पहुंचना है आसान

कैसे जाएं और कहां ठहरे

आंजनधाम गुमला से 21 किमी दूर है. गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क है. गांव के बाद मुख्य मंदिर तक जाने के लिए भी सड़क बन गयी है. यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं है. गुमला में होटल में रुका जा सकता है.

घूमने जा रहे हैं तो यह करें

वहां जाने के लिए पानी और खाने-पीने के सामान साथ में लेकर जाना होगा. यह पूरा इलाका ग्रामीण क्षेत्र है. आने-जाने के लिए ऑटो की सुविधा है. अपनी सुविधा पर भी जा सकते हैं. आंजनधाम जाने पर समय का पूरा ख्याल रखें.

आंजनधाम की दूरी

– गुमला से 21 किमी
– रांची से 120 किमी
– लोहरदगा से 50 किमी
– सिमडेगा से 100 किमी.

Also Read: Jharkhand Tourism: प्राकृतिक छटा का दीदार करना है तो खूंटी के पेरवांघाघ फॉल आइये, देखें तस्वीर

परेशानी हो तो करें संपर्क

एसडीपीओ : 8789559911
गुमला थाना :  9431706206
प्रभात खबर : 7004243637

रिपोर्ट : जगरनाथ/जॉली, गुमला.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >