चैनपुर. चैनपुर प्रखंड के संत पीटर्स हाईस्कूल टोंगो में 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आयोजित चार दिवसीय जीवन प्रवेश सेमिनार का शनिवार को समापन हुआ. सेमिनार में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जीवन में सफल होने, बेहतर इंसान बनने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए जरूरी व्यावहारिक व नैतिक मूल्यों की जानकारी दी गयी.
किताबी ज्ञान से आगे जीवन के मूल्यों की मिली सीख
सेमिनार के मुख्य वक्ता फादर अगुस्टिन कुजूर एसजे, सिस्टर अलका मिंज डीएसए, सिस्टर रोशिता कुजूर ओएसयू और अंबरोस केरकेट्टा रहे. वक्ताओं ने प्रेरक विचारों और ज्ञानवर्धक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन की विभिन्न परिस्थितियों को समझने और उनका सामना करने के लिए प्रेरित किया.
विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला, नैतिकता, धैर्य और सही मार्ग पर चलने के महत्व के बारे में बताया गया. वक्ताओं ने कहा कि सफलता के लिए मेहनत और निरंतर लगन जरूरी है.
आशावादी सोच रखने की दी सलाह
सेमिनार में विद्यार्थियों को आशावाद और निराशावाद के बीच का अंतर समझाया गया. उन्हें हर परिस्थिति में सकारात्मक और आशावादी बने रहने के लिए प्रेरित किया गया. साथ ही आत्म-विकास, अपनी पहचान बनाने और जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए परिपक्व बनने पर जोर दिया गया.
लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने का संदेश
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारण को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य के बिना जीवन की दिशा तय करना कठिन हो जाता है. विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया.
परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझायी
सेमिनार में विद्यार्थियों को पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों से भी परिचित कराया गया. परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा बेहतर तालमेल बनाने के तरीके बताये गये.
