मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा

मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा

घाघरा. वित्तरहित संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को टाना भगत इंटर महाविद्यालय घाघरा में नयी शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यालय व महाविद्यालयों की संरचना को कक्षा नौ से 12 तक सीमित करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान व्याख्याताओं व शिक्षकेतर कर्मियों ने समिति की अनुशंसा प्रतिवेदन की प्रति को प्रतीकात्मक रूप से जला कर आक्रोश व्यक्त किया. प्राचार्य शगुफ्ता जबीन ने कहा कि यह अनुशंसा वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के हितों के पूरी तरह विपरीत है. इस प्रस्तावित व्यवस्था से इन संस्थानों के अस्तित्व पर गहरा संकट मंडराने लगेगा और हजारों शिक्षक व कर्मचारी सड़क पर आ जायेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि नयी व्यवस्था में संस्थाओं, कर्मियों और विद्यार्थियों के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गयी है. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि इस अनुशंसा पर तुरंत पुनर्विचार किया जाये और वित्त रहित संस्थानों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकाला जाये. साथ ही चेतावनी दी गयी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जायेगा. मौके पर अरशद मोमिन, मोतीलाल साहू, भीखम प्रजापति, श्रवण उरांव, रूपेश उरांव, मालती देवी आदि उपस्थित थे.

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