गुमला. उपविकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) गुमला द्वारा गुमला जिलांतर्गत सभी प्रखंडों के मनरेगा बीपीओ, जेइ, एइ, कंप्यूटर सहायक, लेखा सहायक व ग्राम रोजगार सेवकों को हड़ताल से सेवा में अविलंब वापस आने का निर्देश जारी किया गया है. उपविकास आयुक्त द्वारा यह निर्देश पत्र के माध्यम से 29 मई 2026 को जारी किया गया है. यदि सभी कर्मी एक सप्ताह के अंदर हड़ताल से सेवा में वापस नहीं लौटते हैं, तो सेवा में नहीं लौटने वाले कर्मियों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जायेगी और प्रतीक्षा सूची से उनके स्थान पर अन्य कर्मियों की नियुक्ति की जायेगी. बताते चले कि मनरेगा कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. मनरेगा कर्मियों की हड़ताल से मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. साथ ही ग्रामीणों को समय पर रोजगार भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. हालांकि महात्मा गांधी नरेगा झारखंड रांची के आयुक्त द्वारा गत 29 मई को ही पत्र जारी कर सभी कर्मियों को हड़ताल से वापस सेवा में लौटने का निर्देश दिया गया है. लेकिन 29 मई के बाद इधर एक जून होने के बावजूद कर्मी कार्य पर नहीं लौटे हैं. इधर पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि मनरेगा कर्मी विगत माह मार्च 2026 से अनिश्चिचकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे मनरेगा योजना के क्रियान्वयन एवं ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. महात्मा गांधी नरेगा योजना मांग आधारित महत्वाकांक्षी योजना है व ग्रामीणों द्वारा काम की मांग के आधार पर 15 दिनों के अंदर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना होता है. उपविकास आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी मनरेगा कर्मी मनरेगा योजना की महत्ता को देखते हुए हड़ताल से सेवा पर अविलंब लौटना सुनिश्चित करें. यदि सप्ताह के अंदर हड़ताल से सेवा पर वापस नहीं आते हैं, तो आपकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई करते हुए प्रतीक्षा सूची से आपके स्थान पर कर्मियों की नियुक्ति की जायेगी.
एक सप्ताह में काम पर नहीं लौटे, तो सेवा समाप्त की जायेगी : डीडीसी
मनरेगा कर्मियों को काम पर वापस लौटने का दिया निर्देश
