घाघरा: हिंडाल्को के विरुद्ध चल रहा आंदोलन सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा. आंदोलनकारियों से वार्ता करने के लिए घाघरा सीओ खाखा सुशील कुमार, हिंडाल्को के मैनेजर अखिलेश्वर सिन्हा व थाना के एसआइ विकास कुमार आंदोलन स्थल पहुंचे. उनके साथ करीब 100 की संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था. काफी संख्या में पुलिस बल के साथ अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी मिलने पर आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ बढ़ गयी. आंदोलनकारियों ने ऐलान किया कि करम पर्व के बाद हिंडाल्को कार्यालय में तालाबंदी की जायेगी.
पक्की सड़क की मांग पर मैनेजर ने कहा, मिट्टी-मोरम की सड़क बनेगी
वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने उपायुक्त व जीएम के समक्ष रखी गयी अपनी मांगों को दोहराया. उन्होंने पूछा कि क्या अब उनकी सभी मांगें पूरी होंगी. ग्रामीणों ने कहा कि उपायुक्त के समक्ष जीएम ने एक सप्ताह के अंदर सड़क निर्माण का काम शुरू कराने की बात कही थी, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी कोई पहल नहीं हुई. इस पर हिंडाल्को के मैनेजर अखिलेश्वर सिन्हा ने कहा कि पक्की सड़क बनाना संभव नहीं है. पहले जिस तरह मिट्टी-मोरम की सड़क बनती रही है, उसी तरह की सड़क बनायी जायेगी. यह सुनते ही आंदोलनकारी महिला-पुरुष आक्रोशित हो गये. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर सड़क निर्माण शुरू होने की बात कही गयी थी, लेकिन समय बीतने के बाद फिर पुराना रवैया अपनाया जा रहा है. आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा और इसे और उग्र किया जायेगा. इसके बाद आंदोलनकारियों ने हिंडाल्को के मैनेजर को धकेलते हुए आंदोलन स्थल से बाहर कर दिया.
