हिंडाल्को मैनेजर को आंदोलन स्थल से धकेलकर भगाया, सातवें दिन भी जारी रहा धरना

घाघरा में हिंडाल्को के विरुद्ध ग्रामीणों का आंदोलन उग्र हो गया है. सातवें दिन भी जारी धरने के दौरान ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग पर हिंडाल्को मैनेजर को बाहर खदेड़ दिया. करम पर्व के बाद कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी गई है.

घाघरा: हिंडाल्को के विरुद्ध चल रहा आंदोलन सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा. आंदोलनकारियों से वार्ता करने के लिए घाघरा सीओ खाखा सुशील कुमार, हिंडाल्को के मैनेजर अखिलेश्वर सिन्हा व थाना के एसआइ विकास कुमार आंदोलन स्थल पहुंचे. उनके साथ करीब 100 की संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था. काफी संख्या में पुलिस बल के साथ अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी मिलने पर आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ बढ़ गयी. आंदोलनकारियों ने ऐलान किया कि करम पर्व के बाद हिंडाल्को कार्यालय में तालाबंदी की जायेगी.

पक्की सड़क की मांग पर मैनेजर ने कहा, मिट्टी-मोरम की सड़क बनेगी

वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने उपायुक्त व जीएम के समक्ष रखी गयी अपनी मांगों को दोहराया. उन्होंने पूछा कि क्या अब उनकी सभी मांगें पूरी होंगी. ग्रामीणों ने कहा कि उपायुक्त के समक्ष जीएम ने एक सप्ताह के अंदर सड़क निर्माण का काम शुरू कराने की बात कही थी, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी कोई पहल नहीं हुई. इस पर हिंडाल्को के मैनेजर अखिलेश्वर सिन्हा ने कहा कि पक्की सड़क बनाना संभव नहीं है. पहले जिस तरह मिट्टी-मोरम की सड़क बनती रही है, उसी तरह की सड़क बनायी जायेगी. यह सुनते ही आंदोलनकारी महिला-पुरुष आक्रोशित हो गये. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर सड़क निर्माण शुरू होने की बात कही गयी थी, लेकिन समय बीतने के बाद फिर पुराना रवैया अपनाया जा रहा है. आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा और इसे और उग्र किया जायेगा. इसके बाद आंदोलनकारियों ने हिंडाल्को के मैनेजर को धकेलते हुए आंदोलन स्थल से बाहर कर दिया.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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