हेलमेट मैन ऑफ इंडिया का गुमला में स्वागत

सड़क हादसे में अपने मित्र को खोने के बाद की इस मिशन की शुरुआत : राघवेंद्र

गुमला. सड़क सुरक्षा माह के संदेश को घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को गुमला जिले में हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेंद्र कुमार का आगमन हुआ. मौके पर जिला प्रशासन ने कार्यक्रम आयोजित किया. कार्यक्रम में राघवेंद्र कुमार ने न केवल अपने संघर्षों की कहानी साझा की, बल्कि गुमला को सड़क दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए हेलमेट बैंक जैसे क्रांतिकारी आइडिया भी दिये. राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज गुमला में आयोजित कार्यक्रम में उपविकास आयुक्त दिलेश्वर महतो, जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल, पुलिस उपाधीक्षक वीरेंद्र टोप्पो ने राघवेंद्र कुमार का स्वागत किया. मौके पर मोटर यान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह व जिला परिवहन कार्यालय के सभी कर्मी उपस्थित थे. विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राघवेंद्र कुमार ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने एक मित्र की सड़क हादसे में खोने के बाद इस मिशन की शुरुआत की. उन्होंने अब तक 75000 से अधिक हेलमेट नि:शुल्क दान किये हैं. उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन व आमिर खान जैसे दिग्गजों के साथ साझा किये गये अपने अनुभवों को बताते हुए छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उन्होंने कहा कि भारत में हर साल दो लाख मौतें सड़क हादसों में होती हैं. यह अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. मेरा लक्ष्य केवल हेलमेट बांटना नहीं, बल्कि हर सिर को सुरक्षित करना है. पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने हेलमेट बैंक बनाने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों व पंचायतों में ऐसे बैंक होने चाहिए, जहां से जरूरतमंद हेलमेट ले सकें. उन्होंने एक नया नारा दिया, हेलमेट लगाओ जान बचाओ, सीट बेल्ट लगाओ जान बचाओ. कॉलेज के कार्यक्रम के बाद राघवेंद्र कुमार व जिला प्रशासन की टीम के साथ शहर के पटेल चौक पहुंचे, जहां उन्होंने बिना हेलमेट चल रहे बाइक सवारों को रोका और उन्हें चालान के बजाय अपने हाथों से हेलमेट भेंट किया. उन्होंने इसे सुरक्षा का मुकुट बताते हुए लोगों को कसम दिलायी कि वे भविष्य में बिना हेलमेट घर से नहीं निकलेंगे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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