नगर परिषद पर पूर्व जिप सदस्य ने उठाये सवाल, जांच के साथ शहर की समस्याओं के समाधान की मांग

गुमला नगर परिषद के इओ पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप, पूर्व जिला परिषद सदस्य हंदु भगत ने उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

गुमला. नगर परिषद गुमला में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किये जाने के मामले में शिकायतकर्ता जिला परिषद गुमला के पूर्व सदस्य हंदु भगत ने उपायुक्त को आवेदन सौंपा है. उन्होंने योजनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और लंबित समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने की मांग की है.

कार्यपालक पदाधिकारी पर हेराफेरी का आरोप

हंदु भगत ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगाया है. आवेदन में कहा गया है कि चुनाव से पूर्व नगर परिषद क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की योजनाओं का टेबल टेंडर निकाला गया था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई कार्यों में उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है.

निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने की मांग

हंदु भगत ने नगर परिषद में नवगठित बोर्ड के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अनुभवहीन बताते हुए उन्हें प्रशिक्षण दिये जाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि अगर मामले की जांच नहीं होती है, तो मजबूरन आंदोलन किया जायेगा. गुमला से लेकर राजधानी तक पत्राचार और धरना-प्रदर्शन किया जायेगा.

इन समस्याओं को दूर करने की मांग

डीसी को दिये आवेदन में हंदु भगत ने नगर परिषद क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का भी उल्लेख किया है. इनमें टावर चौक के सौंदर्यीकरण, बाजार टांड के सुंदरीकरण, चेटर नाला और पुग्गू नाला की सफाई तथा अतिक्रमण मुक्त करने की मांग शामिल है.

नाला-नाली और जलजमाव की समस्या का समाधान

इसके अलावा श्मशान घाट के शवदाह गृह को चालू करने, डीएसपी रोड और सरस्वती मंदिर स्कूल के समीप नाला-नाली की साफ-सफाई तथा हटाये गये कलवर्ट को लगाने की मांग की गयी है. डीएसपी रोड में जलजमाव का स्थायी समाधान सहित अन्य समस्याओं को भी आवेदन में शामिल किया गया है.

योजनाओं की पारदर्शी निगरानी की मांग

आवेदन में शहर के विभिन्न नालों की नियमित सफाई, नालों को गहरा करने तथा नगर परिषद की योजनाओं की पारदर्शी निगरानी की मांग की गयी है. साथ ही स्मार्ट सिटी प्लान लागू करने की पहल शुरू करने को कहा गया है.

शिकायतकर्ता ने कहा है कि जनहित से जुड़ी इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं होने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने उपायुक्त से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.

इधर, इओ पर लगे आरोपों के संबंध में उनके मोबाइल पर फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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