सिसई. प्रखंड की शिवनाथपुर पंचायत अंतर्गत शिवनाथपुर, डहुटोली, जलका और पंडरानी गांव में मंगलवार को अपराह्न भीषण ओलावृष्टि ने किसानों को झटका लगा है. आंधी-पानी के साथ आयी इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र के किसानों की तैयार फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया और परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. किसानों के अनुसार, ओलावृष्टि से गरमा मक्का, टमाटर, भिंडी, खीरा और तरबूज जैसी नकदी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गयी हैं. शिवनाथपुर निवासी किसान बिनोद भगत की लगभग तीन एकड़ में लगी मक्का की फसल जमींदोज हो गयी. वहीं सुकरु उरांव उर्फ सुकरु टाना भगत की तीन एकड़ टमाटर और डेढ़ एकड़ भिंडी व गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा क्षेत्र के दर्जनों किसान इस आपदा से प्रभावित हुए हैं. पीड़ित किसानों ने बताया कि कई लोगों ने केसीसी ऋण लेकर खेती की थी, लेकिन फसल नष्ट होने के बाद अब उनके सामने बैंक का कर्ज चुकाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गयी है. किसानों का कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और इस आपदा ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे करा कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाये, ताकि वे इस संकट से उबर सकें.
ओलावृष्टि से किसानों की कमर टूटी, तैयार फसलें बर्बाद
शिवनाथपुर पंचायत के कई गांव प्रभावित, कर्ज में डूबे किसानों ने मांगा मुआवजा
