सड़क हादसे में खून से लथपथ पड़ा था युवक, समाजसेवी ने स्कार्पियो रोक पहुंचाया अस्पताल

गुमला में सड़क हादसे का शिकार युवक को भीड़ ने छोड़ा, पर समाजसेवी जगरनाथ उरांव ने स्कार्पियो से तुरंत अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान. उनकी मानवीय पहल की सराहना हो रही है. घायल खतरे से बाहर.

गुमलाः डेबडीह-खरका मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर खून से लथपथ पड़ा था. हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई थी, लेकिन कोई घायल को अस्पताल पहुंचाने की पहल नहीं कर रहा था. इसी दौरान वहां से गुजर रहे समाजसेवी जगरनाथ उरांव ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए तत्काल अपनी स्कार्पियो रोकी और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया.

हादसे में बसुवा पंचायत के इरो गांव निवासी महावीर उरांव गंभीर रूप से घायल हुए थे. बताया गया कि वह करम पर्व की संध्या में शामिल होने जा रहे थे. इसी दौरान खरका मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों के बीच जोरदार टक्कर हो गई. दुर्घटना में महावीर उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर से काफी खून बहने लगा.

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भीड़ देखकर रोकी स्कार्पियो, घायल को पहुंचाया अस्पताल

इसी दौरान समाजसेवी जगरनाथ उरांव अपनी स्कार्पियो से उसी रास्ते से गुजर रहे थे. सड़क पर भीड़ लगी देखकर उन्होंने तत्काल वाहन रोका. घायल युवक की गंभीर स्थिति देखकर उन्होंने बिना देर किए महावीर उरांव को अपनी स्कार्पियो में बैठाया और सीधे सदर अस्पताल गुमला लेकर पहुंचे.

अस्पताल में भी इलाज की लेते रहे जानकारी

अस्पताल पहुंचने के बाद भी जगरनाथ उरांव घायल युवक के इलाज की निगरानी करते रहे. उन्होंने चिकित्सकों से महावीर उरांव की स्थिति की जानकारी ली और इलाज को लेकर लगातार नजर बनाये रखी. समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के बाद महावीर उरांव की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है. समय पर घायल को अस्पताल पहुंचाने की जगरनाथ उरांव की पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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