गुमला. गुमला शहर में बारिश के बाद सड़कों पर जलजमाव और बदहाल स्थिति ने नगर परिषद की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं. शहर के शिशु मंदिर गेट के पीछे स्थित सड़क पर इन दिनों भारी जलजमाव हो गया है. सड़क पर जमा पानी देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है, मानो यहां सड़क की जगह तालाब बन गया हो. स्थानीय लोगों के अलावा स्कूल के छात्रों को इस रास्ते से आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
वार्ड पार्षद ने नगर परिषद पर जतायी नाराजगी
सड़क की स्थिति को लेकर वार्ड पार्षद मनीष कुमार ने नगर परिषद की कार्यशैली पर नाराजगी जतायी है. उन्होंने कहा कि सड़क पर इतना पानी जमा है कि यदि इसमें मछली छोड़ दी जाये तो वह भी बड़ी हो जायेगी और धान रोप दिया जाये तो शायद फसल भी तैयार हो जायेगी. उन्होंने कहा कि यह स्थिति गुमला नगर परिषद की कार्यप्रणाली को दर्शाती है.
साइन बोर्ड पर भी उठाये सवाल
मनीष कुमार ने नगर परिषद द्वारा शहर में लगाये गये साइन बोर्ड पर खर्च को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि नगर परिषद ने जितना पैसा साइन बोर्ड लगाने में खर्च किया है, उससे शायद शहर की खराब सड़कों की छोटी-छोटी मरम्मत कर उन्हें काफी हद तक दुरुस्त किया जा सकता था.
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आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने के बजाय अनावश्यक खर्च किया जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि खराब सड़कों और जलजमाव के कारण लोगों को रोजाना परेशानी हो रही है. इसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी यदि नहीं जागते हैं और व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता है, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे.
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जल्द समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल
मनीष कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह नगर परिषद कार्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे. उन्होंने नगर परिषद से शहर की जर्जर सड़कों और जलजमाव की समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है.
