गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla Suicide Case, गुमला : गुमला जिले स्थित घाघरा थाना क्षेत्र के मनातू गांव में बुधवार को एक रूह कंपा देने वाली घटना घटी है. यहां एक 28 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त मां ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ घर के पीछे वाले कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली. इस दर्दनाक हादसे में मां सहित उसके छह वर्षीय बेटे और चार वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई. एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है.
दोपहर में बच्चों को लेकर निकली थी घर से
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनातू गांव निवासी जगन्नाथ उरांव की पत्नी परदेशनी कुमारी (28 वर्ष) की मानसिक स्थिति पिछले आठ महीनों से ठीक नहीं चल रही थी. बुधवार की दोपहर वह अचानक अपने दोनों बच्चों को लेकर घर से निकली और सीधे घर के पीछे बने कुएं के पास पहुंच गई. उसने पहले अपने दोनों बच्चों को कुएं में फेंका और फिर खुद भी मौत की छलांग लगा दी. काफी देर तक जब परदेशनी घर में नजर नहीं आई, तो उसकी गोतनी (देवरानी) को चिंता हुई. उसने आसपास के इलाके में खोजबीन शुरू की. जब वह ढूंढते हुए घर के पीछे स्थित कुएं के पास पहुंची, तो उसे पानी के अंदर एक कपड़ा तैरता हुआ दिखाई दिया. यह वही कपड़ा था जिसे मृतक महिला परदेशनी दिनभर अपने माथे पर ढके रहती थी. कपड़ा देखते ही गोतनी ने शोर मचाया और अनहोनी की आशंका जताई.
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झागड़ डालने पर फंसा मासूम का शव
आशंका होने पर ग्रामीणों ने कुएं के अंदर झागड़ (लोहे का कांटा/हुक) डाला, जिसमें सबसे पहले 6 वर्षीय मासूम अंश उरांव का शव फंसा, जिसे तुरंत बाहर निकाला गया. इसके बाद पूरे गांव के लोग एकजुट हुए और भारी मशक्कत के बाद तीनों शवों को कुएं से बाहर निकाला. इस हादसे में जान गंवाने वालों में परदेशनी कुमारी (28 वर्ष), अंश उरांव (6 वर्षिय पुत्र), आस्मानी कुमारी (4 वर्षिय पुत्री) शामिल हैं. घटना के वक्त मृतका का पति जगन्नाथ उरांव खेत में धान का बीड़ा छीटने गया हुआ था. उसे जैसे ही इस खौफनाक हादसे की सूचना मिली, वह बदहवास हालत में खेत से भागा-भागा घटनास्थल पर पहुंचा.
पहले भी कई बार सुसाइड की कोशिश कर चुकी थी मृतका
गांव के लोगों ने बताया कि परदेशनी की मानसिक हालत खराब होने के कारण वह पहले भी कई बार अपनी जान लेने की कोशिश कर चुकी थी. कभी वह घर की छत से कूदने का प्रयास करती तो कभी अजीबोगरीब हरकतें करती थी. लेकिन हर बार समय रहते परिवार या ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ जाती थी और उसे बचा लिया जाता था. मगर बुधवार को दोपहर के समय घर सूना पाकर उसने इस खौफनाक कदम को अंजाम दे दिया.
क्या कहती है पुलिस?
घाघरा थाना प्रभारी (थानेदार) मोहन कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया मामला महिला की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण बच्चों समेत आत्मघाती कदम उठाने का है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है. बुधवार की देर शाम होने के कारण शवों का पंचनामा कर लिया गया है और गुरुवार की सुबह उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा जाएगा. पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है.
