किसानों के लिए प्रेरणाश्रोत बनीं गुमली की सीता देवी, पपीता की खेती से बदली जिंदगी

इसके बाद सीता देवी को उद्यान विभाग की ओर से पपीता के पौधे और उसमें लगनेवाले फल की देख-रेख व रख-रखाव से संबंधित आवश्यक जानकारी व प्रशिक्षण दिया गया

घाघरा प्रखंड की रुकी पंचायत अंतर्गत लालपुर गांव की सीता देवी 15 डिसमिल जमीन में पपीता की खेती कर स्थानीय किसानों विशेषकर महिला किसानों के प्रेरणाश्रोत बन गयी है. सीता देवी अपने महज 15 डिसमिल जमीन से हर साल 70 से 80 हजार रुपये तक कमा रही है. सीता देवी को पपीता की खेती करने में जिला उद्यान विभाग गुमला ने सहयोग किया. वित्तीय वर्ष 2021-22 में उद्यान विभाग द्वारा उद्यान विकास योजना के तहत लाभुक किसान सीता देवी की 15 डिसमिल जमीन पर पपीता की खेती की गयी थी.

इसके बाद सीता देवी को उद्यान विभाग की ओर से पपीता के पौधे और उसमें लगनेवाले फल की देख-रेख व रख-रखाव से संबंधित आवश्यक जानकारी व प्रशिक्षण दिया गया. वर्तमान में सीता देवी की 15 डिसमिल जमीन पर 120 पपीता के पेड़ है. हर पेड़ से 15 से 20 किलो तक पपीता का उत्पादन हो रहा है. सीता देवी के पास अब 3.5 टन के पपीते की पैदावार से 70 से 80 हजार रुपये तक आय हो रही है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है.

पपीता से होने वाली आमदनी से सीता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही है और अपना घर बना रही है. सीता देवी ने बताया कि पपीता की खेती के बाद जीवन में काफी बदलाव आया है. पपीता की खेती करने से पहले आर्थिक तंगी से जूझ रही थी. परंतु पपीता ने आर्थिक तंगी को दूर कर दिया है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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