गुमला में एक दिन में 92 यूनिट रक्तदान, डालसा-प्रशासन और पुलिस ने बनाया रिकॉर्ड

गुमला में डालसा, जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर एक दिन में 92 यूनिट रक्तदान कर इतिहास रचा. रक्तदान शिविर में अधिकारियों और कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

गुमला. डालसा गुमला, जिला प्रशासन तथा जिला पुलिस ने गुमला में एक दिन में 92 यूनिट रक्तदान कर इतिहास रच दिया है. गुमला के इतिहास में यह रिकॉर्ड रक्तदान है. शनिवार को न्यायालय परिसर गुमला में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया.

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य आमजनों के साथ-साथ न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों एवं अन्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान देना था.

रक्तदान शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मियों, न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, पुलिस पदाधिकारियों, पारा विधिक स्वयंसेवकों, जिला प्रशासन के कर्मियों सहित अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की. लोगों ने 92 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान किया.

जिला जज अजीत कुमार सिंह, उपायुक्त दिलेश्वर महतो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां, डालसा सचिव राम कुमार लाल गुप्ता, प्रभारी न्यायाधीश प्रतिक राज, सिविल सर्जन शंभू चौधरी, चिकित्सक सुनील कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.

रक्तदान महत्वपूर्ण सामाजिक व मानवीय सेवा है

डालसा सचिव रामकुमार लाल गुप्ता ने कहा है कि रक्तदान एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं मानवीय सेवा है. स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है और कई लोगों का जीवन बचाने में योगदान दिया जा सकता है. उन्होंने लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने तथा अपने आसपास के लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की. कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं, पदाधिकारियों, कर्मियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया. साथ ही भविष्य में भी जनकल्याण एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर बल दिया गया.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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