गुमला से रांची का बस किराया 30 रुपये बढ़ा, आवश्यक वस्तुओं के भी दाम बढ़े
गुमला में ईंधन संकट का असर गहराया, महंगाई और बढ़ा बस किरायापेट्रोल-डीजल की किल्लत से परिवहन व्यवस्था प्रभावित
गुमला. गुमला जिले में पेट्रोल व डीजल की बढ़ती किल्लत का असर अब आम जनजीवन पर साफ दिखायी देने लगा है. ईंधन संकट के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर बाजार व आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है. माल ढुलाई की लागत बढ़ने से खाद्यान्न, खाद्य तेल और दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं के दाम बढ़ गये हैं. व्यापारियों का कहना है कि डीजल की कमी व परिवहन खर्च में वृद्धि के कारण सामान की आपूर्ति प्रभावित हो रही है. इसका असर खुदरा बाजार में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहां आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.
बस यात्रियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए बस संचालकों ने भी किराये में वृद्धि कर दी है. बस ओनर एसोसिएशन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार डीजल, टायर, लुब्रिकेंट, यूरिया, मैकेनिक शुल्क, मोटर पार्ट्स, बस बॉडी और बीमा समेत अन्य खर्चों में बढ़ोतरी के कारण छह मई से संशोधित बस किराया लागू कर दिया गया है. नये किराये के अनुसार गुमला-रांची मार्ग का किराया 150 रुपये से बढ़ा कर 180 रुपये कर दिया गया है. वहीं गुमला-सिसई और गुमला-घाघरा का किराया 50 रुपये से बढ़ा कर 60 रुपये, गुमला-लोहरदगा का किराया 80 रुपये से बढ़ा कर 90 रुपये तथा गुमला-सिमडेगा का किराया 120 रुपये से बढ़ा कर 140 रुपये कर दिया गया है. इस तरह गुमला-राउरकेला मार्ग का किराया 250 रुपये से बढ़ा कर 290 रुपये तथा गुमला-डालटेनगंज का किराया 300 रुपये से बढ़ा कर 350 रुपये कर दिया गया है.
महंगाई की दोहरी मार से लोग परेशान
स्थानीय निवासी दीपू ठाकुर ने कहा कि बस किराये में बढ़ोतरी से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की चिंता बढ़ गयी है. दूसरी ओर बाजार में बढ़ती महंगाई ने आमलोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. उन्होंने कहा कि यदि जल्द पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो परिवहन लागत में और वृद्धि हो सकती है. इससे आवश्यक वस्तुओं के दाम और बढ़ेंगे तथा आम जनता पर महंगाई की मार और गहरी पड़ सकती है.