गुमला में बारिश से आमजन परेशान लेकिन किसानों के चेहरे खिले

गुमला में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश धान की फसल के लिए वरदान साबित हो रही है।

गुमला. जिले में मंगलवार सुबह से लगातार बारिश होने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुबह से हो रही बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. सड़कों पर जगह-जगह पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कत हुई.

जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी

बारिश का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला. सुबह बारिश के बीच बच्चों को स्कूल जाने के लिए घरों से निकलना पड़ा. कई बच्चे छाता लेकर तो कुछ बरसाती पहनकर स्कूल पहुंचे. ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची और खराब सड़कों पर जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हुई. अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

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किसानों के लिए राहत

वहीं, लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खेतों में धान सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए बारिश को काफी फायदेमंद माना जा रहा है. बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से किसानों को सिंचाई की चिंता कुछ कम हुई है. किसान उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह अनुकूल रहा तो फसलों की पैदावार अच्छी होगी. हालांकि लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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