बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के बीच गुमला में हुआ पौधारोपण, बच्चों को दी गयी ये खास सीख

भारत विकास परिषद गुमला ने राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय खोरा में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण व जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दौरान छात्र-छात्राओं को पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा के महत्व को समझाया गया.

गुमला से दुर्जय पोसवान की रिपोर्ट

गुमला. भारत विकास परिषद गुमला शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण मुहिम के अंतिम चरण में गुमला प्रखंड अंतर्गत राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय खोरा के प्रांगण में पौधरोपण और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में परिषद के जिला पदाधिकारियों समेत विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाओं तथा छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही.

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया. मौके पर परिषद के पर्यावरण प्रमुख मनमोहन सिंह ने पौधरोपण एवं इनके नियमित संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए वायुमंडलीय अस्थिरता के लिए इसे प्रासंगिक बताया.

पेड़ लगाने से अधिक जरूरी उसे बचाना : सैरेंद्री दास

महिला प्रमुख सैरेंद्री दास ने कहा कि पेड़ लगाने से भी अधिक महत्वपूर्ण उसे बचाकर रखना है. परिषद के सचिव राकेश कुमार वर्मा ने ग्लोबल वार्मिंग के दुष्परिणामों की व्याख्या करते हुए कहा कि अधिकाधिक पेड़-पौधे लगाकर ही वातावरण को संतुलित रखा जा सकता है.

पर्यावरण प्रदूषण से बढ़ रहे प्राकृतिक प्रकोप : निर्मल गोयल

संरक्षक निर्मल कुमार गोयल ने कहा कि स्थूल पर्यावरण के दूषण के परिणामस्वरूप ही अतिवृष्टि और अनावृष्टि जैसे प्राकृतिक प्रकोपों में इजाफा देखा जा रहा है. वैज्ञानिक आविष्कारों के दुरुपयोग एवं अनवरत प्रयोगों ने भी पर्यावरणीय प्रदूषण को जन्म दिया है. उन्होंने स्कूली बच्चों को अधिकाधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया.

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वृक्षों की कटाई से पर्यावरण में असंतुलन : विनय कुमार लाल

संरक्षक विनय कुमार लाल ने जनजीवन में ऑक्सीजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धुंआधार वृक्षों के पातन से पर्यावरण में असंतुलन व्याप्त है.

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

मौके पर अजीत कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी द्वारिका मिश्र सुमन, विप्रस अध्यक्ष रामकैलाश सिंह, प्रधानाध्यापिका रेशमा कुमारी, प्रेम प्रकाश ओहदार, शिलानंद तिर्की, मोहम्मद एहसान, बसबंत खेस, रीता कुजूर, स्नेहलता तिग्गा, नेहा गुंजन गिद्ध, बिंदु कुमारी, अनिता चिंता पन्ना, ज्योति बाला मिंज, प्रियंका प्रसाद, बेला बागे, अमिता खेस, पुष्पा कुमारी, आशा कुमारी, सदनी कुमारी, सीमा कुजूर, सबिता तिर्की व गीता देवी सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By अपूर्व कुमार शुक्ला

अपूर्व कुमार शुक्ला युवा पत्रकार हैं. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय,पलामू से बैचलर इन बिजनेस मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता से पहले वे करीब एक दशक तक सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से जुड़े रहे, इस दौरान भारतीय और विशेष रूप से झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और नीतिगत विषयों का गहन अध्ययन किया. पत्रकारिता की शुरुआत खबर मंत्र संस्थान में रिपोर्टर के रूप में की, जहां झारखंड के प्रमुख नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और एक्टिविस्ट के साक्षात्कार किए. वर्तमान में प्रभात खबर में खबर लेखन और संपादन से जुड़े हैं. उनकी पत्रकारिता जनसरोकार, तथ्यपरकता और मुद्दों की गहराई पर केंद्रित है.

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