गुमला से लोहरदगा रूट पर सफर कर रहे हैं, तो खटवा नदी मुख्य सड़क का जान ले हाल

गुमला-लोहरदगा मार्ग पर खटवा नदी के पास सड़क निर्माण कंपनी के ट्रकों के कारण घंटों जाम लगा रहा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

गुमला. गुमला-लोहरदगा मार्ग पर खटवा नदी के समीप मंगलवार को सड़क निर्माण में लगे दर्जनों ट्रकों के एनएच पर खड़े रहने के कारण घंटों जाम की स्थिति बनी रही. इससे गुमला और लोहरदगा की ओर आने-जाने वाले राहगीरों एवं वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

बाद में किसी तरह वाहनों को निकालकर आवागमन सामान्य कराया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, भारतमाला सड़क परियोजना के निर्माण कार्य में लगी शिवालया कंपनी के कई ट्रक नियमित रूप से एनएच सड़क पर ही खड़े कर दिए जाते हैं. इससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा वाहनों के कब्जे में रहता है और दूसरे वाहनों को निकलने में परेशानी होती है. मंगलवार को भी ट्रकों के सड़क पर खड़े रहने के कारण स्थिति बिगड़ गई और घंटों जाम लगा रहा.

राहगीर अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य में लगे भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क की स्थिति भी खराब हो गई है. कई जगह सड़क टूटने के साथ बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से राहगीरों को और अधिक परेशानी हो रही है. स्थानीय लोगों ने सड़क पर निर्माण सामग्री व भारी वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करने पर रोक लगाने तथा जर्जर हिस्सों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि ट्रकों को एनएच से हटाकर निर्धारित स्थान पर खड़ा कराया जाए तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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