गुमला : गरीबी के कारण बीमार बेटी का नहीं करा सका इलाज तो पिता ने कर दी हत्या, आरोपी गिरफ्तार

गुमला के रहने वाले एक पिता ने अपनी ही बीमार बेटी की हत्याकर शव को कुएं में फेंक दिया. वह गरीबी के कारण उसका इलाज नहीं करा पा रहा था.

गुमला : गुमला जिला से 20 किमी दूर कोटाम पतगच्छा गांव में गरीबी के कारण एक पिता ने अपनी बीमार नौ वर्षीय बेटी की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया. बेटी दिव्यांग और मानसिक रूप से बीमार थी. इलाज कराने के लिए पिता के पास पैसे नहीं थे. पत्नी भी कुछ साल पहले मुंबई भाग गयी. ऐसे में पिता को जब कोई दूसरा रास्ता नहीं सूझा तो उसने अपनी बेटी को ही मौत के घार उतार दिया.

एक अन्य बेटे की भी थी परवरिश की जिम्मेदारी

उन्हें अपनी बेटी के साथ अपने एक बेटे की भी जिम्मेदारी उठानी थी. लेकिन उस लाचार पिता मजबूरी ऐसी थी कि उन्होंने अपनी बेटी को ही मार दिया. पुलिस ने आरोपी पिता सरजू लोहरा को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, ग्रामीणों के सहयोग से कुएं में फेंके गये बेटी काजल कुमारी के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया.

पहले कुदाल से काटा, फिर शव को कुएं में फेंक दिया

कतरी पंचायत के पतगच्छा गांव में सरजू लोहरा ने अपनी नौ वर्षीय बेटी काजल कुमारी की शुक्रवार की शाम को कुदाल से काटकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को गांव के ही रहने वाले मंडल महतो के कुआं में फेंक दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद सरजू लोहरा खुद अपने रिश्तेदारों को फोन कर बताया कि उसने अपनी बेटी की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया है. इधर, शनिवार की सुबह को घटना की सूचना कोटाम पुलिस पिकेट व गुमला थाना को मिली. इसके बाद कोटाम फिकेट प्रभारी मनोरंजन शर्मा व एसआई विवेक पुलिस बल के साथ पतगच्छा गांव पहुंचे. जहां कुएं से मृत बच्ची के शव को निकाला गया. जबकि आरोपी पिता सरजू लोहरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

क्या कहते हैं आरोपी पिता

आरोपी सरजू लोहरा ने बताया कि मैं गरीबी के कारण अपनी बेटी का इलाज कराने में असमर्थ था. मेरे पास कोई दूसरा उपाय नहीं था. इसलिए मैंने अपनी बेटी की हत्या कर दी. हालांकि, बेटी की हत्या करने के बाद वह काफी दुखी था. वह अपने किये पर अफसोस कर रहा था. उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी मुंबई में रहती है और मृत बच्ची काजल कुमारी अपाहिज और थोड़ा मंदबुद्धि थी. जिसका पालन पोषण करने में वह असमर्थ था. इस कारण से उसने घटना को अंजाम दिया.

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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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