दुबई में फंसे गुमला के व्यवसायी बबलू, एयरपोर्ट बंद होने से बढ़ी परेशानी

Gumla Businessman: इजराइल-अमेरिका-ईरान तनाव के बीच गुमला के व्यवसायी बबलू रजक दुबई में फंसे हैं. एयरपोर्ट बंद होने से झारखंड के करीब 100 लोग होटल में रुके हैं. परिजन चिंतित हैं और सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं. सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है.

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

Gumla Businessman: झारखंड के गुमला जिले के कामडारा निवासी व्यवसायी बबलू रजक इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दुबई में फंस गए हैं. वे एक प्राइवेट कंपनी के कॉर्पोरेट बिजनेस टूर पर दुबई गए थे. अचानक हालात बिगड़ने और हमलों की खबरों के बाद वहां के एयरपोर्ट बंद कर दिए गए, जिससे उनकी वापसी फिलहाल संभव नहीं हो पा रही है. जानकारी के अनुसार, झारखंड के करीब 100 से अधिक लोग इस टूर पर दुबई पहुंचे थे. इनमें रांची, गुमला, जमशेदपुर, पलामू, गिरिडीह, चतरा और खूंटी के लोग शामिल हैं.

होटल में ठहरे, अनिश्चितता का माहौल

दुबई में धमाकों की आवाजों और बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच सभी लोग फिलहाल होटल के कमरों में ठहरे हुए हैं. बबलू रजक ने फोन पर बताया कि वे बुर्ज खलीफा के पास स्थित एक होटल में सुरक्षित हैं. हालांकि एयरपोर्ट बंद होने से सभी के मन में अनिश्चितता बनी हुई है. उन्होंने बताया कि सोमवार को दुबई से दिल्ली के लिए दो फ्लाइट रवाना हुई हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिनों में अन्य लोगों की वापसी की भी व्यवस्था की जाएगी. सरकार की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

झारखंड में परिजनों की बढ़ी बेचैनी

इधर झारखंड में परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. टीवी चैनलों और मोबाइल पर चल रही खबरों पर परिवार वालों की नजर टिकी हुई है. हर फोन कॉल के साथ घरवालों की धड़कनें तेज हो जाती हैं. गुमला में बबलू रजक के परिजन लगातार संपर्क में हैं और सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं. परिवार के लोग प्रशासन और सरकार से भी मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं.

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सरकार से त्वरित पहल की उम्मीद

विदेश में फंसे झारखंड के लोगों के परिजन चाहते हैं कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर शीघ्र सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे. मौजूदा हालात में एयरपोर्ट बंद होने से समस्या और गंभीर हो गई है. हालांकि, बबलू रजक ने बताया कि वहां की स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी लोग सुरक्षित हैं और जल्द ही घर लौटने की उम्मीद है. दुबई में जारी तनाव के बीच झारखंड के इन परिवारों के लिए हर दिन इंतजार और चिंता से भरा हुआ है. सभी की निगाहें सुरक्षित वापसी की खबर पर टिकी हैं.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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