आंदोलनकारी छात्रों की मांगों का समाधान करे सरकार : पिछड़ी जाति संघर्ष मोर्चा

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का पिछड़ी जाति संघर्ष मोर्चा ने समर्थन किया। सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग।

बसिया. पिछड़ी जाति संघर्ष मोर्चा सह छोटानागपुरिया तेली उत्थान समाज के केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में बसिया स्थित देवी गुड़ी चौक पर बैठक हुई. बैठक में जेपीएससी व जेएसएससी में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रदर्शन का पुरजोर समर्थन किया गया.

केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग ने कहा कि झारखंड में अब तक हुई सभी सरकारी बहालियों की केंद्र और राज्य सरकार निष्पक्ष जांच कराये तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे. कहा कि झारखंड में बाहरी राज्यों के लोगों को नौकरी मिलने से स्थानीय युवा खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पैसे देकर नौकरी हासिल करने वाले लोग समाजहित में काम करने के बजाय वसूली में लगे रहेंगे. सरकार को आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनका समाधान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि छात्र आंदोलनों ने कई मजबूत सरकारों की दिशा बदलने का काम किया है.

उदासन नाग ने सरकारी नौकरियों में बाहरी लोगों की बहाली पर रोक लगाने तथा भर्ती प्रक्रिया के लिए स्पष्ट और निष्पक्ष नियमावली बनाने की मांग की. बैठक में मोर्चा की ओर से आंदोलनकारी छात्रों के साथ पूरी तरह खड़े रहने का संकल्प लिया गया. मौके पर दिलीप साहू, प्रेमलाल भगत, गोकुल चंद सोनी, सत्तार खान, कलीम अहमद, मो मकसूद समेत कई लोग उपस्थित थे.


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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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