टीसी निकालने स्कूल गयी छात्रा लापता, प्राथमिकी दर्ज
टीसी निकालने स्कूल गयी छात्रा लापता, प्राथमिकी दर्ज
गुमला. गुमला शहर के चेटर गांव की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गयी है. मामले को लेकर छात्रा के पिता मुरली गोप ने गुमला थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए बेटी की खोजबीन करने की मांग की है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आवेदन के अनुसार शालू कुमारी (पिता- मुरली गोप) 12 मई की सुबह करीब 10 बजे टीसी निकालने के लिए उर्सुलाइन कॉन्वेंट स्कूल गयी थी. परिजनों के मुताबिक स्कूल जाने के बाद वह वापस घर नहीं लौटी. काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने थाना का दरवाजा खटखटाया. पिता मुरली गोप ने पुलिस से बेटी को जल्द खोजने की गुहार लगायी है. मामले की सूचना मिलने के बाद गुमला थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था व खून की किल्लत से मरीज की मौत
गुमला. बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और खून की किल्लत का खामियाजा अब गुमला की जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है. ताजा मामला सदर अस्पताल गुमला का है, जहां चैनपुर प्रखंड के हर्रा टिंगटंगर निवासी जद्दू चीक बड़ाइक की मौत रिम्स ले जाने के क्रम में हो गयी. परिजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल में समय पर खून नहीं मिलने और डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी जान गयी है. सदर अस्पताल में इन दिनों खून की पर्ची मिलते परिजनों में खौफ छा जाता है. पालकोट के शिवा तुरी और डुमरी की सुमन देवी जैसे कई मरीज अस्पताल के बिस्तरों पर पड़े खून की कमी और लचर व्यवस्था को कोस रहे हैं. झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष देवकी देवी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती जादू चीक बड़ाइक को पांच दिनों तक रखने के बाद तब रेफर किया गया. जब उनकी स्थिति मरणासन्न हो गयी. आरोप है कि भर्ती के दौरान डॉक्टरों ने नियमित सुध नहीं ली और अंतिम समय में खून की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया. अगर समय रहते उन्हें खून मिल जाता या पहले रेफर कर दिया जाता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी.