ग्रामीणों के श्रमदान से बदली तस्वीर, राजकीय प्रावि को मिला खेल मैदान

ग्रामीणों के श्रमदान से बदली तस्वीर, राजकीय प्रावि को मिला खेल मैदान

By Prabhat Khabar News Desk | January 14, 2026 9:27 PM

बिशुनपुर. प्रखंड के अंकुरी गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में आज बच्चों की किलकारियां और खेल की गूंज सुनायी दे रही है. इसकी वजह गांव वालों की वह सामूहिक पहल है, जिसने बिना किसी सरकारी बजट के विद्यालय को उसका बहुप्रतीक्षित खेल मैदान दिला दिया. लंबे समय से विद्यालय खेल मैदान के अभाव से जूझ रहा था. पढ़ाई के साथ खेलकूद का अवसर नहीं मिलने से बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर असर पड़ रहा था. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर होने वाले खेल व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी महज औपचारिकता बन कर रह जाते थे. इस स्थिति को देखते हुए अंकुरी और हर्राटोली गांव के जागरूक ग्रामीण आगे आये. विद्यालय के पास पड़ी गैरमजरूआ भूमि को चिन्हित कर सामूहिक श्रमदान के जरिये उसे खेल मैदान में तब्दील करने का निर्णय लिया गया. इस सराहनीय पहल का नेतृत्व गांव के प्रवीण उरांव, अजीत लकड़ा, दिनेश लकड़ा और कलिंदर उरांव ने किया. ग्रामीणों ने कुदाल और फावड़ा लेकर जमीन को समतल किया, झाड़ियां हटाईं, पत्थर निकाले और मैदान को बच्चों के खेलने योग्य बनाया. अब इस मैदान में बच्चे खुल कर दौड़ते, खेलते और हंसते नजर आयेंगे. खेल गतिविधियों से जहां बच्चों का शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, वहीं उनमें टीम भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास जैसे गुणों का भी विकास होगा. साथ ही अब विद्यालय में राष्ट्रीय पर्वों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन पूरे उत्साह के साथ किया जा सकेगा. ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के साथ खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव है. उनका मानना है कि जब समाज खुद आगे बढ़कर बच्चों के भविष्य में निवेश करता है, तो उसका सकारात्मक असर पीढ़ियों तक देखने को मिलता है.

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