मांगें नहीं मानी गयी, तो 27 अप्रैल से बंद करायेंगे बिमरला माइंस : समिति

प्रबंधन ने समिति की बातों को सुन कर 25 अप्रैल तक का समय मांगा

घाघरा. ऑल बॉक्साइट माइंस जनाधिकार संघर्ष समिति द्वारा 20 अप्रैल से बिमरला माइंस का खनन व परिवहन अनिश्चितकालीन के लिए बंद करने की बात के बाद हिंडालको प्रबंधन की बैठक अंचलाधिकारी आशीष कुमार मंडल के चेंबर में शनिवार को संघर्ष समिति के लोगों के साथ हुई. समिति के लोगों ने कहा हिंडालको कंपनी से चार सूत्री मांगों को लेकर बंद का आह्वान किया गया है. चार सूत्री मांग प्रत्येक वाहन में खलासी की व्यवस्था हो. खनन कार्य में जो भी वाहन का उपयोग होता है. वह सभी वाहन बाहर के हैं. उन सभी कार्य में स्थानीय लोगों का वाहन हो. प्रभावित क्षेत्र के लोगों का 50 प्रतिशत ट्रक बिमरला माइंस में हो. साथ ही बिमरला क्षेत्र से दो स्कूल बस चलती हैं, जिसे बाहरी लोगों से लेकर चलाया जा रहा है. वाहन को भी स्थानीय लोगों द्वारा चलाया जाये. इसके बाद प्रबंधन के लोगों ने समिति की बातों को सुन कर 25 अप्रैल तक का समय मांगा है. इसके बाद समिति के लोगों ने हिंडाल्को को 25 अप्रैल तक का समय देते हुए कहा है कि यदि 25 अप्रैल तक सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 27 अप्रैल से पुनः खनन व परिवहन कार्य पूरी तरह से बिमरला माइंस को बंद कर दिया जायेगा. मौके पर राजीव उरांव, बिनोद राम, सचिन साहू, सुमंत ठाकुर, नयमुल खान, महावीर गोप, रूबेन इक्का, भोला गोप मौजूद थे.

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