गुमला में बकरे की बलि के दौरान फरसा की बेंत टूटकर लगने से चार साल के बच्चे की मौत

दीपक उरांव का पुत्र विमल उरांव भी भीड़ के आगे खड़ा होकर बकरे की बलि देख रहा था. इसी दौरान पुराने फरसे की बेंत टूट गयी. लोहे की बेंत टूटने के बाद सीधे विमल की छाती पर लगी और वह घायल हो गया. परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही विमल ने दम तोड़ दिया.

झारखंड के गुमला जिला के घाघरा थाना स्थित लालपुर गांव (Lalpur Village) में दुर्गा पूजा (Durga Puja) की नवमी तिथि को बकरे की बलि के दौरान फरसा की बेंत टूटकर लगने से चार साल के विमल उरांव की मौत हो गयी. लालपुर गांव के देवी मंडप (Devi Mandap Lalpur) के समीप बकरे की बलि दी जा रही थी. सैंकड़ों लोगों की भीड़ वहां मौजूद थी.

फरसा का बेंत विमल की छाती पर लगा

दीपक उरांव का पुत्र विमल उरांव भी भीड़ के आगे खड़ा होकर बकरे की बलि देख रहा था. इसी दौरान पुराने फरसे की बेंत टूट गयी. लोहे की बेंत टूटने के बाद सीधे विमल की छाती पर लगी और वह घायल हो गया. परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही विमल ने दम तोड़ दिया.

Also Read: Jharkhand Mob Lynching! झारखंड के गुमला में एजाज खान की मॉब लिंचिंग का सच, एसपी ने दिया ये बयान

घाघरा थाना की पुलिस कर रही है जांच: पुलिस अधीक्षक

गुमला के एसपी डॉक्टर एहतेशाम वकारिब ने कहा कि पूरे मामले की घाघरा थाना की पुलिस जांच कर रही है. देवी मंडप में बकरे की बलि के दौरान फरसे की बेंत टूटने की वजह से बच्चे को चोट लगी. उसके बाद अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गयी.

पुलिस को शव देने से ग्रामीणों का इंकार

यहां बता दें कि घटना की सूचना मिलने पर घाघरा थाना की पुलिस लालपुर गांव पहुंची. पुलिस जब बच्चे के शव को कब्जे में ले रही थी, तो ग्रामीणों ने शव को पुलिस को सौंपने से मना कर दिया. ग्रामीणों ने कहा कि यह कोई हत्या नहीं है. यह एक हादसा है. पुलिस द्वारा काफी समझाने के बाद बच्चे को शव को परिजनों ने पुलिस को सौंपा. बताया जा रहा है कि बच्चे को चोट लगने के बाद भी बकरे की बलि की धर्मविधि नहीं रुकी थी. इस घटना के बाद से गांव में मातम पसर गया है.

रिपोर्ट : दुर्जय पासवान, गुमला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >