पालकोट. तापकारा एवं झिकीरिमा पंचायत के दर्जनों गांवों में पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लगातार बिजली नहीं रहने से पेयजल, पढ़ाई और दैनिक कार्यों पर गंभीर असर पड़ा है. समाजसेवी मारवाड़ी सिंह ने बताया कि बिजली विभाग की उदासीनता से लोग बेहद परेशान हैं. उनका आरोप है कि जब भी किसी गांव में बिजली खराब होती है और मरम्मत के लिए विभागीय मिस्त्री को बुलाया जाता है, तो ग्रामीणों से दो हजार रुपये की मांग की जाती है. विभाग की कार्यशैली से आक्रोश बढ़ता जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की कार्यशैली से आक्रोश बढ़ता जा रहा है. यदि शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो तापकारा और झिकीरिमा पंचायत के सैकड़ों लोग पालकोट स्थित पावर हाउस में तालाबंदी करने को बाध्य होंगे. मारवाड़ी सिंह ने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी. ग्रामीणों ने विभाग से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन तेज़ होगा और प्रशासन को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
चार दिनों से बिजली गुल, आक्रोश, पावर हाउस में तालाबंदी की चेतावनी
चार दिनों से बिजली गुल, आक्रोश, पावर हाउस में तालाबंदी की चेतावनी
