गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: गुमला के पालकोट प्रखंड स्थित कुल्लूकेरा पंचायत अंतर्गत राजस्व सिंजाग गांव में सरना पूजा स्थल के पास वन रक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी प्रिया मुंडा और विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी अरविंद मिश्रा मौजूद थे. कार्यक्रम का शुभारंभ गांव की महिलाओं एवं युवतियों द्वारा पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज के तहत ढोल-मांदर की थाप पर नृत्य और गुलदस्ता भेंट कर अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ. बैठक में गांव के पहान राजेश्वर मुंडा और पुजार गोविंद मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ग्रामीणों से एकजुट रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पूर्वजों की जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ी जाएगी. इसके बाद ग्रामीणों ने भी अपने विचार रखते हुए जान देंगे, जमीन नहीं देंगे का संकल्प दोहराया.
हस्ताक्षर अभियान चलाने का दिया प्रस्ताव
विशिष्ट अतिथि अरविंद मिश्रा ने कहा कि ग्रामीणों के हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से डीसी को आवेदन सौंपा जाएगा और पालकोट वन्य प्राणी आश्रयणी (Wildlife Sanctuary) क्षेत्र को रद्द कराने की मांग उठाई जाएगी. उन्होंने ग्रामीणों से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की.
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा
मुख्य अतिथि प्रिया मुंडा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है. उन्होंने कहा कि वन रक्षा समिति के आवेदन को राष्ट्रपति, राज्यपाल, गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और उपायुक्त तक पहुंचाकर पालकोट वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र को रद्द कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा. सभा का संचालन महेश लोहरा ने किया. बैठक में मुखिया धनेश्वर नगेसिया, बिरसा सिंह, बिरेंद मुंडा, एतवा उरांव, डुमेश्वर उरांव, सुशींता देवी, इस्माईल नगेसिया, लालू सिंह, सुकरा सिंह सहित बिलिंगबिरा, सारुबेड़ा, तेतर टोली, कोडेकेरा, डांड़ टोली और सिंजाग राजस्व ग्राम के 13 टोलों के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में मौजूद थे.
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