गुमला: रायडीह और पालकोट प्रखंड में पांच महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति नहीं मिल रही है. जबकि आरईओ विभाग और गुमला प्रशासन वर्ष 2023 से इन सड़कों के निर्माण के लिए प्रयासरत है. अब तक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है. इन पांच सड़कों की कुल लंबाई करीब 32 किलोमीटर है, जबकि निर्माण की अनुमानित लागत करीब 40 करोड़ रुपये है. रायडीह और पालकोट प्रखंड के दूरस्थ गांवों को जोड़ने के लिए गुमला के पूर्व उपायुक्तों ने भी लगातार प्रयास किया था.
इन सड़कों के अभाव में ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी होती है. कई बार मरीजों को खटिया पर लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिले के वरीय अधिकारियों से मुलाकात की है. सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव भी किया था और स्थानीय विधायकों के खिलाफ नाराजगी जताई थी. हालांकि, अब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है.
गुमला उपायुक्त के स्तर से कई बार विभाग को पत्र लिखा गया है. वहीं अधीक्षण अभियंता ने भी पांचों सड़कों की सूची तैयार कर मुख्य अभियंता, झारखंड सरकार के समक्ष प्रस्तुत की है और तकनीकी स्वीकृति देने की मांग की है. इसके बावजूद अब तक स्वीकृति नहीं मिलने से सड़क निर्माण लंबित है. इन सड़कों के बनने से जंगल और पहाड़ से घिरे लालमाटी, नीच डुमरी, सुआली, मरचाईपाट, सोकराहातु, बनईडेगा, पुजारटोली, लोहराटोली, अंबाटोली सहित 50 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा. इन गांवों में बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं, जिनमें विलुप्तप्राय आदिम जनजाति के लोग भी शामिल हैं.
इन 5 सड़कों की अनुमानित लागत है करीब 40 करोड़
योजनाओं में रायडीह कांसीर से नीच डुमरी तक 5 किलोमीटर सड़क निर्माण की लागत 439.730 लाख रुपये, डुमरी सुआली मरचाईपाट सड़क की लंबाई 6.050 किलोमीटर और लागत 1088.557 लाख रुपये, रायडीह लालमाटी से सोकराहातु तक 10.275 किलोमीटर सड़क की लागत 1300.160 लाख रुपये, पालकोट बनईडेगा से पुजारटोली तक 3.406 किलोमीटर सड़क की लागत 594.051 लाख रुपये तथा पालकोट से लोहराटोली अंबाटोली तक 6.30 किलोमीटर सड़क निर्माण की लागत 671.139 लाख रुपए है.
