युवाओं को खेल से जोड़ने व सामाजिक एकता मजबूत करने जोर

स्व लथीरा भगत मेमोरियल फुटबॉल प्रतियोगिता को पुनर्जीवित करने की उठी मांग

डुमरी. डुमरी प्रखंड के युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं व खेल प्रेमियों के बीच स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय लथीरा भगत मेमोरियल फुटबॉल प्रतियोगिता को लेकर परिचर्चा कार्यक्रम हुआ. कार्यक्रम में वक्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि जो प्रतियोगिता कभी क्षेत्र में खेल भावना व सामाजिक एकता का प्रतीक हुआ करती थी, वह आज धीरे-धीरे गुमनामी के अंधेरे में खोती जा रही है. अकलू भगत ने कहा कि पहले इस प्रतियोगिता में युवाओं का उत्साह देखते बनता था. गांव-गांव से टीमें भाग लेती थीं और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहता था. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में टाना भगतों को सहयोग देने वाले स्व लथीरा भगत के सम्मान में तथा युवाओं को मोबाइल और अन्य भटकाव से निकाल कर खेल की ओर प्रेरित करने के लिए प्रतियोगिता का पुनः आयोजन जरूरी है. जगरनाथ भगत ने कहा कि प्रतियोगिता को पुनर्जीवित करने के लिए एक मजबूत समिति का गठन किया जाना चाहिए. विशेश्वर भगत ने कहा कि प्रतियोगिता ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उभरने का अवसर दिया था. बीरेंद्र भगत ने बताया कि पहले समिति के माध्यम से प्रतियोगिता का सफल आयोजन होता था, लेकिन समय के साथ सहयोग और संसाधनों की कमी से इसका आयोजन बंद हो गया. रविशंकर भगत ने कहा कि स्व लथीरा भगत मेमोरियल फुटबॉल प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक व सामाजिक धरोहर है, जिसे पुनर्जीवित करना युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा और सामुदायिक भावना को मजबूत करेगा. आजाद भगत ने कहा कि ग्रामीण खेलों को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है. ऐसे आयोजन युवाओं को नशा और गलत रास्तों से दूर रखने में मददगार साबित होते हैं. मनोज उरांव ने कहा कि यदि समय रहते इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता को फिर से शुरू नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां इसके महत्व से अनजान रह जायेंगी. जसदेव भगत ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन एक सराहनीय पहल थी, लेकिन समय के साथ इसे पुनर्जीवित करने की जरूरत थी. आज इसका गुमनाम हो जाना क्षेत्र के खेल प्रेमियों के लिए चिंता व विचार का विषय बन गया है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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