जर्जर विद्यालय भवन में शिक्षा प्राप्त कर रहे 16 बच्चे, डीसी की जांच के बाद भी विद्यालय जस का तस

लिटियाचुआ पहारटोली के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर है. छत से पानी टपकता है और बरामदा भी असुरक्षित है, जिससे 16 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग की है.

डुमरी. प्रखंड स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय लिटियाचुआ पहारटोली का विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में है. भवन की छत के छज्जे पर घास उग आयी है, जबकि छत कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गयी है. बरसात के दिनों में जर्जर छत से पानी टपकता है. इससे विद्यालय में पढ़ने वाले 16 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

बारिश में कमरों में टपकता है पानी

विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है. बच्चों को पढ़ाने के लिए फिलहाल दो शिक्षक पदस्थापित हैं. विद्यालय के एचएम संजीव कुमार भगत ने बताया कि विद्यालय भवन काफी पुराना है. छत की स्थिति इतनी खराब है कि बारिश होने पर कमरों में पानी टपकने लगता है.

उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में मजबूरन बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है. लेकिन बरामदा भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है.

एमडीएम के लिए भी पानी की परेशानी

एचएम ने बताया कि मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बनाने के लिए भी पानी की दिक्कत है. इसके लिए दूर से पानी लाना पड़ता है. इससे विद्यालय में पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी परेशानी होती है.

उपायुक्त के निरीक्षण के बाद भी नहीं हुई पहल

संजीव कुमार भगत ने बताया कि चार-पांच माह पूर्व गुमला उपायुक्त लिटियाचुआ दौरे पर आये थे. उस समय उन्होंने विद्यालय का निरीक्षण भी किया था और विद्यालय भवन की मरम्मत कराने की बात कही गयी थी.

विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग को भी कई बार दी गयी है. विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी अब तक भवन की मरम्मत या नया भवन निर्माण कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गयी है.

ग्रामीणों ने की जल्द मरम्मत की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. उन्होंने शिक्षा विभाग से शीघ्र विद्यालय भवन की मरम्मत कराने अथवा नया भवन निर्माण कराने की मांग की है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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