गुमला: सदर अस्पताल परिसर गुमला में जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन सोमवार को किया गया. मुख्य अतिथि उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो ने विधिवत रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया. कार्यक्रम में टीबी मुक्त गुमला जिला के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला टीबी सेल द्वारा अगले चार माह की तैयार की गयी रणनीतिक कार्ययोजना का उपायुक्त द्वारा अनुमोदन किया गया. कार्ययोजना पर हस्ताक्षर भी किया गया.
चार किमी दूर नहीं जाना पड़ेगा
मौके पर उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में जिला क्षय केंद्र शहर से लगभग चार किमी दूर था. जिस कारण टीबी रोग से पीड़ितों को जांच व उपचार संबंधी सुविधाओं के लिए आने-जाने में कठिनाई होती थी. लेकिन अब उस कठिनाई को दूर कर दिया गया है. अब जिला मुख्यालय में ही क्षय केंद्र बनाया गया है.
टीबी मरीजों को मिलेगी मुफ्त दवा
जहां टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. उपायुक्त ने कहा कि टीबी की दवाएं निःशुल्क और जिले में सीबीएनएएटी एवं ट्रनेट जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए टीबी के मामलों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जायेगा.
टीबी संक्रमण रोकने पर फोकस
उपायुक्त ने जिले को आगामी चार माह में टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रणनीति तैयार की गयी है. जिसके तहत न केवल टीबी मरीजों की पहचान व उपचार, बल्कि बीमारी के संक्रमण को रोकने, जोखिम वाले समूहों की पहचान करने व टीबी से जुड़े प्रमुख जोखिम कारकों पर भी प्रभावी तरीके से कार्य किया जायेगा.
तंबाकू और शराब के सेवन पर रोक जरूरी
टीबी मुक्त गुमला जिला का उद्देश्य केवल टीबी के मामलों को कम करना नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत बनाना है, ताकि टीबी के सभी संभावित मामलों का जल्द पता लगाया जा सके और मजबूत निगरानी प्रणाली विकसित हो, ताकि अधिक जोखिम वाले समूहों में संक्रमण की जांच व उपचार सुनिश्चित किया जा सके. उपायुक्त ने यह भी कहा कि टीबी के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों मधुमेह, कुपोषण, पुरानी सांस संबंधी बीमारियां एवं अल्कोहल व तंबाकू का सेवन को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास आवश्यक है.
पहचान से फॉलोअप तक व्यवस्था मजबूत
सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. एक चरण में जिले की 62 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है. वर्ष 2026 में जिले की 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस दिशा में पंचायत स्तर तक टीबी की पहचान, जांच, उपचार एवं फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है.
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टीबी मुक्त पंचायतों को मिलेगा सम्मान
उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को नगर भवन गुमला में टीबी मुक्त पंचायतों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. कार्यक्रम में 62 टीबी मुक्त पंचायतों के मुखिया एवं संबंधित प्रखंडों के प्रमुखों की उपस्थिति में पंचायतों को सम्मानित किया जायेगा.
ये भी रहे उपस्थित
मौके पर डीएस डॉक्टर अनुपम किशोर, एसीएमओ डॉक्टर केके मिश्रा, डीआरसीएचओ डॉक्टर सुनील कुमार, डिस्टिक कॉर्डिनेटर विनय कुमार गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी व जिला क्षय केंद्र के कर्मी उपस्थित थे.
