न्यायालय में कामकाज अब पेपरलेस होगा : ध्रुव चंद्र मिश्र

आज कल पूरी दुनिया अजीब दौर की ओर जा रही है.

अधिवक्ता व अधिवक्ता कलर्स कार्यशाला का आयोजन 12 गुम 22 में कार्यक्रम में लोग प्रतिनिधि, गुमला आज कल पूरी दुनिया अजीब दौर की ओर जा रही है. क्योंकि सभी कार्य डिजिटलाइज्ड होते जा रहे हैं. यदि इस तकनीकी युग के साथ-साथ नहीं चलेंगे, तो इस व्यवस्था के साथ रहना व काम करना कठिन हो जायेगा. यह बातें रविवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्र ने ई-कोर्ट्स पर आयोजित अधिवक्ता व अधिवक्ता कलर्स के कार्यशाला में कही. उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम व अन्य आइटी उपकरणों के उपयोग में क्षमता विकसित करने तकनीकी रूप से होने वाले बदलाव के साथ निरंतर सीखने व नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ आइटी से मिलने वाले लाभों का फायदा उठाने के लिए है. आने वाले दिनों में सभी केस रिकॉर्ड्स, याचिकाएं एवं आदेश का डिजिटलीकरण एवं इलेक्ट्रॉनिक फाइल प्रणाली लागू हो जायेगी. जिसके कारण डाटा साझा करने दस्तावेज देखने व पारित आदेशों को एकीकृत प्लेटफार्म में एक साथ देखा जा सकेगा. डिजिटाइजेशन का मुख्य कारण अधिक से अधिक उपयोगकर्ता का हितैषी बनकर सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले साधारण नागरिकों तक इसे पहुंचाना है. न्यायिक व्यवस्था में जो परिवर्तन होने जा रहा है. उसमें अधिवक्ताओं और उनके लिपिकों की भूमिका अत्यंत प्रभावकारी होने जा रही है. क्योंकि इन के ऊपर भी न्यायिक कार्यवाही की सफलता निर्भर करती है. झारखंड के चार जिले पेपर लेस होने जा रहे हैं. जिसमें गुमला जिला भी शामिल है. गुमला जिले में आधे से अधिक रिकॉर्ड्स डिजिटलाइज्ड हो गए हैं. आशा है कि समय सीमा के अंदर इसे पूरा करने के लिए तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने न्यायालय में एनआइ एक्ट के तहत संचालित होने वाले मुकदमों की बारीकियां को भी बताया गया. मौके पर अधिवक्ता मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >