जगरनाथ पासवान, गुमला
गुमला जिले के एक दंपती ने अपने बिछड़े परिवार और रिश्तेदारों से मिलने की इच्छा जताते हुए गुमला प्रशासन से मदद की अपील की है. असम में रहते हुए उन्हें 50 साल से अधिक समय बीत चुके हैं. इतने लंबे अंतराल के कारण उनका गुमला में रहने वाले अपने परिवार और रिश्तेदारों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. अब स्थिति यह है कि उन्हें अपने पैतृक घर का सही पता और परिवार के सदस्यों की जानकारी भी नहीं है. असम के गोलाघाट के पत्रकार देबोजित गोगोई ने दंपती का वीडियो बनाकर गुमला प्रशासन को भेजा है.
वीडियो के माध्यम से दंपती ने अपने परिजनों से दोबारा मिलने की इच्छा जाहिर की है. पत्रकार ने गुमला प्रशासन से इस मानवीय मामले में सहयोग करने का आग्रह किया है. गुमला के जिला पंचायत राज पदाधिकारी डॉ शिशिर कुमार सिंह ने बताया कि असम के एक पत्रकार ने दंपती का वीडियो भेजा है. वीडियो में मिली जानकारी के आधार पर उनके गांव और परिवार का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
परिवार से मिलने को बेचैन हैं दंपती
पत्रकार देबोजित गोगोई ने प्रशासन को भेजे संदेश में बताया है कि वह असम के गोलाघाट के न्यूज रिपोर्टर हैं. उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील और मानवीय मामला है, जिसमें गुमला प्रशासन के सहयोग की जरूरत है. उन्होंने बताया कि असम में रह रहे एक परिवार ने उनसे संपर्क किया था. कई दशक पहले उनके पूर्वज झारखंड के गुमला जिले से असम आकर बस गये थे. समय बीतने और संपर्क के साधनों की कमी के कारण उनका अपने पैतृक गांव, रिश्तेदारों और जड़ों से संपर्क पूरी तरह टूट गया.
अब यह परिवार अपने पुराने संबंधों को फिर से जोड़ना चाहता है. हालांकि उनके पास पुराने सरकारी दस्तावेज, जमीन के कागजात या अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड, वंशावली और गांव के बुजुर्गों से मिली जानकारी के आधार पर परिवार की तलाश में मदद मिल सकती है. पत्रकार ने प्रशासन से आग्रह किया है कि संबंधित अंचल अधिकारी (राजस्व) और स्थानीय थाना स्तर से जांच करा कर दंपती के रिश्तेदारों का पता लगाने में सहयोग किया जाये. उन्होंने कहा कि परिवार से दोबारा मिलना इस दंपती के लिए जीवनभर का मानसिक सुकून साबित होगा.
चैनपुर के चचाली गांव से जुड़ा बताया जा रहा है दंपती का संबंध
दंपती द्वारा जारी वीडियो में पति सिराजुद्दीन लोहरा ने अपना पता गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत छिछवानी पंचायत के चचाली गांव का बताया है. वहीं उनकी पत्नी बुधनी लोहरा ने अपना संबंध लोहरदगा जिले से बताया है. दंपती के अनुसार, जब उनके पूर्वज असम गये थे, तब वे भी उनके साथ चले गये थे. इसके बाद वे वहीं बस गये. असम में रहने के दौरान ही दोनों की शादी हुई. अब उम्र के इस पड़ाव पर वे अपने मूल गांव और परिवार से फिर जुड़ना चाहते हैं.
