गुमला. नगर परिषद गुमला अब घर-घर वाटर मीटर कनेक्शन जोड़ रहा है, जिससे हर महीने उपभोक्ताओं से समय पर वाटर टैक्स वसूल सके. परंतु मीटर लगाने के लिए नगर परिषद उपभोक्ताओं से तीन हजार रुपये ले रहा है, जिसका विरोध गुमला में शुरू हो गया है. झारखंड चेंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सह श्रीबड़ा दुर्गा मंदिर के सचिव रमेश कुमार चीनी ने नगर परिषद के इस फरमान व आदेश का विरोध किया है. उन्होंने कहा है कि वाटर मीटर लगाने के नाम पर आम पब्लिक से तीन हजार रुपये लेना गलत है. वाटर मीटर सरकार की ओर से नि:शुल्क लगना चाहिए. जिस प्रकार बिजली का मीटर घर-घर लग रहा है. उसी प्रकार वाटर मीटर भी नि:शुल्क लगे. कहा कि नगर परिषद एक तो सही से पानी सप्लाई नहीं करता है, जिससे आमलोगों को परेशानी होती है. इधर कई दिनों से एक दिन के बाद एक दिन पानी सप्लाई मिल रही है. सुचारू पानी मिले, इसकी ठोस व्यवस्था नगर परिषद के पास नहीं है. इधर गलत तरीके से वाटर मीटर लगाने के नाम पर तीन हजार की वसूली करना गलत है. सरकार व गुमला उपायुक्त से अनुरोध है कि इस मामले में हस्तक्षेप करें. साथ ही लोगों को नि:शुल्क वाटर मीटर लगाने की व्यवस्था हो. नगर परिषद ने जारी की सूचना : नगर परिषद गुमला ने वाटर टैक्स व नल कनेक्शन के लिए सूचना जारी की है. अखबार में भी विज्ञापन प्रकाशित करायी गयी है, जिसमें नगर परिषद के प्रशासक ने कहा है कि गुमला शहरी क्षेत्र के सभी घरेलू पेयजल उपभोक्ता नल कनेक्शन में वाटर मीटर नहीं लगा हुआ है, तो अनिवार्य रूप से नगर परिषद कार्यालय में वाटर मीटर का निर्धारित शुल्क जमा कर मीटर लगा लें. मीटर लगाने का शुल्क तीन हजार रुपये तय किया गया है. मीटर लगाने के लिए नगर परिषद कार्यालय के प्लंबर पारस कुमार साहू को जिम्मेवारी सौंपी गयी है. वाटर मीटर शुल्क भुगतान के अलावा इसका अधिष्ठापन शुल्क शून्य है. प्रशासक ने कहा है कि वाटर मीटर नहीं होने से जल शुल्क का बिल जेनरेट करने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है. कहा है कि अगर वाटर मीटर का अधिष्ठापन नहीं कराते हैं, तो बाध्य होकर घरेलू पेयजल कनेक्शन को काट दिया जायेगा.
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