एक बैठक और बदल गया गांव का नियम! शराब-गांजा बनाने और सेवन पर रोक, उल्लंघन पर सजा तय

गुमला के चपका जामटंगरा गांव में ग्रामीणों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है. शराब और गांजा बनाने या पीने वालों पर अब सख्त आर्थिक दंड लगाया जाएगा.

घाघरा. गुमला के घाघरा प्रखंड स्थित चपका जामटंगरा गांव में नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने बड़ी पहल करते हुए गांव को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया. गांव में आयोजित बैठक में महिला और पुरुष ग्रामीणों ने शराब, गांजा समेत अन्य नशीले पदार्थों के निर्माण और सेवन पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया.

बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को प्रभावित कर रही है. शराब और अन्य नशीले पदार्थों के कारण परिवारों में आर्थिक परेशानी, विवाद और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं. इसे देखते हुए ग्रामीणों ने अब नशे के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाने का निर्णय लिया है.

सर्वसम्मति से तय किया गया कि गांव में यदि कोई व्यक्ति शराब बनाते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर आर्थिक दंड लगाया जायेगा. वहीं शराब, गांजा अथवा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों के खिलाफ भी समाज की ओर से दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में नशे का निर्माण और सेवन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

ग्रामीणों ने कहा कि नशामुक्त गांव बनाने के लिए हर परिवार और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. बैठक में लोगों ने नशे से होने वाले नुकसान के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने और विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने का संकल्प लिया. सभी ने एकजुट होकर गांव में नशामुक्त एवं स्वस्थ सामाजिक वातावरण बनाने का निर्णय लिया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >